बेमेतरा टेकेश्वर दुबे : उत्तर भारत में लगातार पड़ रहे घने कोहरे के कारण अलग-अलग स्थानों पर सड़क हादसों की घटनाएँ सामने आ रही हैं, जिनमें कई लोगों की जान चली गई है। यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ–आगरा एक्सप्रेसवे एवं दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे पर कोहरे के कारण अनेक वाहन आपस में टकरा गए, जिससे वाहनों में सवार लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर घने कोहरे में लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर कर दिया है।
इन सड़क हादसों को दृष्टिगत रखते हुए परिवहन विभाग ने राज्य के समस्त यात्री बस संचालकों एवं वाणिज्यिक वाहन चालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि घने कोहरे में वाहन चलाना मानो आँखों पर पट्टी बाँधकर गाड़ी चलाने जैसा है। कोहरे में वाहन चलाते समय गति कम रखें, हेडलाइट्स अवश्य चालू रखें तथा उन्हें लो-बीम मोड पर ही रखें, क्योंकि हाई-बीम लाइट कोहरे में दृश्यता बढ़ाने के बजाय और कम कर देती है। यदि वाहन में फॉग लैंप लगे हों तो उनका उपयोग अवश्य करें। कोहरे में केवल स्वयं देख पाना ही नहीं, बल्कि दूसरों को दिखाई देना भी उतना ही आवश्यक है।
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बेमेतरा परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान हमेशा सतर्क रहें और निम्नलिखित सावधानियों का पालन करें— कोहरे में वाहन धीमी गति से चलाएँ, हेडलाइट्स लो-बीम पर रखें, फॉग लैंप एवं पार्किंग लाइट का उपयोग करें, डिफॉगर और विंडस्क्रीन वाइपर का सही उपयोग करें, वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा लेन अनुशासन का पालन करते हुए ओवरटेकिंग से बचें। यदि कोहरा अत्यधिक हो और वाहन चलाना असंभव प्रतीत हो, तो वाहन को पूरी तरह सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर रोक दें और इंडिकेटर लाइट चालू रखें। परिवहन विभाग ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए यातायात नियमों का पालन करें और कोहरे के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

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