नई दिल्ली : पाकिस्तान की एक आतंकवाद विरोधी अदालत ने शुक्रवार को आठ पत्रकारों और सोशल मीडिया कमेंटेटर्स को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन लोगों को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थन में ऑनलाइन एक्टिविटी से जुड़े आतंकवाद से संबंधित अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया।
ये सजा 9 मई, 2023 को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद दर्ज मामलों से जुड़ी है, जब खान के समर्थकों ने उनकी संक्षिप्त गिरफ्तारी के बाद सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। तब से सरकार और सेना ने खान की पार्टी और विरोध की आवाजों पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है, जिसमें आतंकवाद विरोधी कानूनों और सैन्य अदालतों का इस्तेमाल करके राज्य संस्थानों पर हमले और हिंसा भड़काने के सैकड़ों आरोपियों पर मुकदमा चलाया गया है।
अदालत ने फैसले में क्या कहा?
अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के काम पाकिस्तानी कानून के तहत आतंकवाद के दायरे में आते हैं और उनकी ऑनलाइन सामग्री ने समाज में डर और अशांति फैलाई। कोर्ट के दस्तावेजों से पता चला है कि सजा पाने वाले ज्यादातर लोग पाकिस्तान से बाहर हैं और कार्यवाही के दौरान पेश नहीं हुए।
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कौन-कौन लोग ठहराए गए दोषी?
कोर्ट के फैसले के मुताबिक, दोषी लोगों में पूर्व सेना अधिकारी से यूट्यूबर बने आदिल राजा और सैयद अकबर हुसैन, पत्रकार वजाहत सईद खान, साबिर शाकिर और शाहीन सहबाई, कमेंटेटर हैदर रजा मेहदी और एनालिस्ट मोईद पीरजादा शामिल हैं।
कोर्ट ने उम्रकैद की सजा के साथ-साथ अतिरिक्त जेल की सजा और जुर्माना भी लगाया और आदेश दिया कि अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो और जेल होगी। सभी सजाओं की पुष्टि इस्लामाबाद हाई कोर्ट करेगा।

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