रायगढ़/बिलासपुर : छत्तीसगढ़ भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) की बिलासपुर टीम ने नए साल 2026 की शुरुआत एक बड़ी कार्रवाई के साथ की है।रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ एसडीएम कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य में इस साल की यह पहली सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
पूरा मामला जमीन की शिकायत को रफा-दफा करने से जुड़ा है। ग्राम अमलीटिकरा निवासी प्रार्थी राजू कुमार यादव ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने गांव में एक जमीन खरीदी थी, जिसका नामांतरण भी हो चुका था।आरोपी बाबू अनिल चेलक ने राजू को डराया कि उसकी जमीन की रजिस्ट्री गलत तरीके से हुई है और इस संबंध में उसके खिलाफ शिकायत मिली है।इस कथित शिकायत को नस्तीबद्ध (फाइल क्लोज) करने के बदले बाबू ने 2 लाख रुपये की भारी-भरकम मांग की थी।पीड़ित की शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। दोनों के बीच पहली किस्त के तौर पर 1 लाख रुपये देने की सहमति बनी।
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2 जनवरी की कार्रवाई: प्रार्थी 1 लाख रुपये लेकर धर्मजयगढ़ स्थित बाबू के शासकीय आवास पर पहुंचा। जैसे ही बाबू ने पैसे हाथ में लिए, उसे टीम की मौजूदगी का संदेह हो गया। उसने तुरंत अंदर से दरवाजा लॉक कर लिया और एसीबी के बुलाने पर भी बाहर नहीं आया।एसीबी टीम ने जब धक्का देकर दरवाजा खुलवाया, तो बाबू ने पूछताछ में टालमटोल की। कड़ाई से पूछने पर पता चला कि उसने नोटों से भरा बैग दीवार के पीछे फेंक दिया था। टीम ने मौके से पूरे 1 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं।
डीएसपी एसीबी अजितेश सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ उनका अभियान इसी तरह जारी रहेगा।

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