बलरामपुर : वन परिक्षेत्र धमनी अंतर्गत जंगली सुअर के अवैध शिकार के मामले में माननीय न्यायालय रामानुजगंज ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह कार्रवाई वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज गंभीर अपराध को देखते हुए की गई है।
शिकार, मांस बिक्री और उपभोग का मामला
वन परिक्षेत्र धमनी के उप-परिक्षेत्र सनावल, परिसर झारा क्षेत्र में जंगली सुअर का अवैध शिकार कर उसके मांस को टुकड़ों में काटने, बिक्री करने और मांस को पकाकर खाने का अपराध पाए जाने पर वन अपराध प्रकरण क्रमांक 22003/12 दिनांक 16 जून 2025 पंजीबद्ध किया गया था। मामले में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39(2), 50, 51 एवं 52 के तहत कार्रवाई की गई।
चार आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में
प्रकरण में आरोपी अरूण आत्मज शिवनारायण, सुनिल आत्मज राजकेश्वर, जितेन्द्र आत्मज रामकुमार एवं जयपाल आत्मज भुनेश्वर, सभी निवासी ग्राम त्रिशुली, तहसील रामचन्द्रपुर, जिला बलरामपुर को गिरफ्तार कर 19 दिसंबर 2025 को जिला जेल रामानुजगंज में न्यायिक अभिरक्षा में दाखिल कराया गया था।
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कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज
परिक्षेत्र सहायक सनावल द्वारा प्रस्तुत रिमांड आवेदन पर सुनवाई के बाद 02 जनवरी 2026 को माननीय न्यायालय रामानुजगंज ने चारों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।
फरार आरोपियों की तलाश तेज
मामले में संलिप्त अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वनमंडलाधिकारी आलोक कुमार बाजपेयी के निर्देशन में वन परिक्षेत्राधिकारी धमनी द्वारा अलग-अलग टीमें गठित कर रवाना की गई हैं। वन विभाग का कहना है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।

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