मिशन वेनेजुएला की सफलता के बाद ट्रंप बोले- चार दिनों से कर रखी थी तैयारी

मिशन वेनेजुएला की सफलता के बाद ट्रंप बोले- चार दिनों से कर रखी थी तैयारी

वाशिंगटन :  हैरतअंगेज सैन्य आपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके किले से उठाने से उत्साहित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने बीते चार दिनों से इस कार्रवाई की तैयारी कर रखी थी। मौसम सही न होने की वजह से ये मामला लंबा खिंचा।

ऑपरेशन में 150 से अधिक लड़ाकू विमान शामिल हुए

शनिवार को मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी ऊर्जा कंपनियां वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाएंगी। तेल उद्योग को लेकर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की तेल कंपनियां दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे बेहतरीन हैं और वे वेनेजुएला के तेल सेक्टर में गहराई से जुड़ेंगी।

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उन्होंने साफ किया कि अमेरिका इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से शामिल होगा। ट्रंप ने कहा कि इसकी तुलना अफगानिस्तान से नहीं की जा सकती, जहां अमेरिका पूरी दुनिया में मजाक बन गया था। उन्होंने कहा कि 'अब अमेरिका मजाक नहीं है।'

अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ताकतवर सेना है

उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ताकतवर सेना है। उन्होंने यह भी कहा कि सैनिकों की बहादुरी और पेशेवर रवैया देखकर उन्हें रोकना मुश्किल हो रहा था। वेनेजुएला में अगली सरकार को लेकर ट्रंप ने कहा कि इस पर फैसला किया जा रहा है और अमेरिका कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। उन्होंने संकेत दिए कि सत्ता हस्तांतरण में अमेरिका की अहम भूमिका रहेगी।

ट्रंप ने बताया कैसे अमेरिकी सेना ने मादुरो को दबोचा

ट्रंप ने बताया कि मादुरो बेहद सुरक्षित राष्ट्रपति भवन में मौजूद थे, जो “किले'' जैसा था। उनके मुताबिक, मदुरो एक सुरक्षित कक्ष तक पहुंचने ही वाले थे, लेकिन उससे पहले ही अमेरिकी बलों ने तेजी से कार्रवाई कर उन्हें काबू में कर लिया। ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर स्टील की दीवारें काटने के लिए “भारी ब्लोटॉर्च'' तक तैयार रखे गए थे।

ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने कहा कि इस मिशन की महीनों तक तैयारी की गई। अमेरिकी बलों ने मादुरो की दिनचर्या, ठिकानों और सुरक्षा व्यवस्था का गहन अध्ययन किया और सीन क्रिएट करके रिहर्सल भी की। उन्होंने कहा, “हमने यह सुनिश्चित किया कि इसमें गलती की कोई गुंजाइश न रहे।''

ऑपरेशन पूरी तरह अंधेरे में अंजाम दिया गया

ट्रंप के अनुसार, ऑपरेशन पूरी तरह अंधेरे में अंजाम दिया गया। उन्होंने दावा किया कि काराकास शहर की लगभग सारी लाइटें बंद कर दी गई थीं।

हालांकि वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने नागरिकों और सैन्य कर्मियों के मारे जाने का दावा किया, ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी पक्ष को कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। कुछ सैनिक घायल हुए, लेकिन सभी सुरक्षित लौट आए। इस अभियान को 'आपरेशन एब्सोल्यूट रिजाल्व' नाम दिया गया, जिसमें 150 से अधिक विमान, लड़ाकू जेट, बांबर और ड्रोन शामिल थे।

ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजाल्व की टाइमलाइन

  1. ऑपरेशन में 150 से अधिक लड़ाकू विमान शामिल हुए
  2. एफ-18, एफ-22 और एफ-35 लड़ाकू विमान, बी-1 बांबर और ड्रोन प्रमुख
  3. राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार रात 10:46 बजे (ईएसटी) इस अभियान को हरी झंडी दी
  4. अमेरिकी बल शनिवार तड़के 1:01 बजे (ईएसटी) मादुरो के परिसर तक पहुंचे
  5. 3:29 बजे (ईएसटी) उनको कस्टडी में लेकर वापस नौसेना पोत की ओर लौट गए
  6. इस अभियान में शामिल अमेरिकी सैन्यकर्मियों की उम्र 20 से 49 वर्ष के बीच रही







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