छत्तीसगढ़ क्राइम रिपोर्ट : अपराधों का गढ़ बना राजधानी,चाकूबाजी-मर्डर और दुष्‍कर्म की घटनाएं सबसे चिंताजनक

छत्तीसगढ़ क्राइम रिपोर्ट : अपराधों का गढ़ बना राजधानी,चाकूबाजी-मर्डर और दुष्‍कर्म की घटनाएं सबसे चिंताजनक

रायपुर :  राजधानी रायपुर में आबादी लगातार तेजी से बढ़ रही है और इसके साथ अपराध का ग्राफ भी ऊपर चढ़ रहा है। सालाना अपराध के आंकड़े अब 17 हजार से अधिक पहुंच चुके हैं, जो कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं। छोटे-मोटे अपराध से लेकर गंभीर आपराधिक घटनाएं अब रोजमर्रा की समस्या बन चुकी हैं।

छत्तीसगढ़ के रायपुर चिंता का विषय है कि राजधानी में कलम छोड़कर नाबालिग चाकू थाम रहे हैं। हत्या और चाकूबाजी ही नहीं अन्य गंभीर मामलों में भी शामिल हो रहे हैं। जिस उम्र में पढ़ाई करते हैं, उस समय चोरी-लूट और चाकूबाजी जैसे मामलों को अंजाम दे रहे हैं। क्राइम करने में साल दर साल नाबालिगों की संख्या बढ़ती जा रही है। मर्डर, चाकूबाजी, लूटपाट के अलावा दुष्कर्म और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मामलों में भी लिप्त हो रहे हैं।

बढ़ते अपराधों से बिगड़ रहा माहौल : शहर में चाकूबाजी और मर्डर की घटनाएं सबसे बड़ी चिंता का कारण बन गई हैं। आए दिन होने वाली चाकूबाजी की वारदातें न सिर्फ लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही हैं बल्कि शहर के माहौल को भी खराब कर रही हैं। इसके साथ ही साइबर फ्रॉड, नशे का गोरखधंधा, मवेशी तस्करी, संगठित अपराध, ऑनलाइन सट्टा, धर्मांतरण और विदेशियों की घुसपैठ जैसे मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। यह विविध अपराध बताता है कि राजधानी का अपराध जगत अब और संगठित और जटिल होता जा रहा है।

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है 

चाकूबाजी, मर्डर की घटनाएं :शहर में चाकूबाजी और हत्या बदमाश बेखौफ होकर कर रहे हैं। इस साल अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 40 से ज्यादा हत्याएं हो चुकी हैं और चाकूबाजी की करीब 50 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। अधिकांश आरोपितों का कोई पुराना केस नहीं है।

नशे का गोरखधंधा :नशे का गोरखधंधा भी ज्यादा हो गया है। अब पाकिस्तान से पंजाब के रास्‍ते ड्रग्स प्रदेश के कोने कोने में पहुंचने लगा है। गांजा, शराब के बाद कफ सिरप और गोली बेचते थे, लेकिन अब हेरोइन और एमडीएमए जैसे ड्रग्स सुनियोजित ढंग से रायपुर पहुंच रहे हैं। इसे संगठित गिरोह चला रहे हैं।

मवेशी तस्करी, धर्मांतरण :राजधानी होने के बावजूद यहां धर्मांतरण और मवेशी तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसके अलावा साइबर क्राइम और सोशल मीडिया से जुड़े मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन सट्टा भी कई लोग संगठित होकर चला रहे हैं।

हर साल बढ़ रहा क्राइम ग्राफ :हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, चोरी, नकबजनी, धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले वर्ष 2025 में 2471 दर्ज हुए थे।

पुलिस विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, हर तीसरे दिन एक हत्या और लगभग हर दिन एक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। जांच में सामने आया है कि अधिकांश हत्याओं की वजह पुरानी रंजिश और अवैध संबंध रहे हैं। कई मामलों में आरोपियों ने चाकू और फावड़ा जैसे हथियारों से वारदात को अंजाम दिया है।

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, रायपुर के 31 थानों में पिछले पांच सालों में एक्‍सीडेंट के 11005 एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें 3110 लोगों की मौत हुई है जबकि 7900 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 55 फीसदी लोगों को गंभीर चोंटे आई है। बता दें कि इस साल 9 माह में अब तक 1525 हादसों में 473 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1040 लोग घायल हुए है। वहीं 2024 में 2080 हादसों में 595 लोगों की जान गई थी।

पिछले एक साल में रायपुर और बिलासपुर पुलिस ने ऐसे 1085 मोबाइल फोन बरामद कर लोगों को लाैटाए इनमें से राजधानी रायपुर में ही 765 फोन बरामद कर पीड़‍ित को लौटाए गए हैं।

पिछले कुछ सालों से शहर के नाबालिग हत्या, चाकूबाजी और दुष्कर्म जैसी घटनाओं में ज्यादा शामिल हो रहे हैं। हर साल हत्या और चाकूबाजी में किसी न किसी नाबालिग का नाम आता है। रायपुर में वर्ष 2019 में 7 मर्डर, 2020 में 9 मर्डर, 2021 में 6 मर्डर, 2022 में 12 मर्डर और 2023 में 6 मर्डर के मामलों में नाबालिग शामिल थे। नाबालिग वर्ष 2024 और 2025 में भी आधा दर्जन से अधिक हत्याओं को अंजाम दे चुके हैं। वर्तमान में शहर के बाल संप्रेक्षण गृह में कुल 116 अपचारी बालक हैं। इनमें से 51 अपचारी बालक प्लेस ऑफ सेफ्टी में हैं।

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया क‍ि राजधानी रायपुर में सड़क हादसे रोकने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। देर रात तक नशे में गाड़ी चलाने वालों की जांच की जा रही है। वर्ष 2025 में अब तक कुल 680 चालकों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। ई चालान की भी कार्रवाई की जा रही है और चौक चौराहों में सुधार किए जा रहे है। उन्‍होंने कहा कि हादसों की वजह तेज रफ्तार है। दूसरी बड़ी वजह नशे की हालत में ड्राइविंग है, जिससे नियंत्रण पूरी तरह खत्‍म हो जाता है। यातायात पुलिस रायपुर द्वारा माहभर यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजि‍त किए जा रहे हैं।

उन्‍होंने बताया क‍ि नशे के विरूद्ध विशेष अभियान आपरेशन न‍िश्‍चय चलाया जा रहा है। चाकूबाजी और हत्या और दुष्‍कर्म जैसे अपराध होते हैं, तो इसको रोकने की जिम्मेदारी पुलिस की है, ऐसे में शहर के जितने भी आईडेंटिफाई बदमाश और गुंडे हैं, उनकी लगातार पेशी हो रही है। उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई भी की जा रही है।










You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments