2026 की शुरुआत में एक बार फिर जियो-पॉलिटिकल टेंशन बढ़ती हुई नजर आ रही है. अमेरिका की ओर से वेनेजुएला में किए गए हमलों के बाद वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं. लेकिन इसका असर भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत पर नहीं देखने को मिला है. सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शानदार रही. आज 5 जनवरी 2026 को सेंसेक्स 0.02% उछलकर 85,776 पर खुला है और निफ्टी 7.90 अंक या 0.03% तेजी के साथ 26,335 पर खुला. इस दौरान लगभग 1094 शेयर बढ़त में, 709 शेयर गिरावट में नजर आए.
निफ्टी के टॉप गेनर्स में ONGC, SBI, Bajaj Finance, Hindalco, Maruti Suzuki के स्टॉक्स शामिल रहे और निफ्टी टॉप लूजर्स में Tech Mahindra, Trent, Max Healthcare, TCS, Apollo Hospitals के शेयर्स शामिल रहे. आज बैंक निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर खुला है. पीएसयू बैंक 1.51 फीसदी की बढ़त के साथ ओपन हुआ, ऑयस एंड गैस में 0.49 की बढ़त देखी गई, निफ्टी ऑटो, मेटल और डिफेंस सेक्टर्स में भी खरीदारी देखने को मिली है.
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ग्लोबल बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेत
US और वेनेजुएला मामले के बावजूद ग्लोबल बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों के बीच GIFT निफ्टी बढ़त में कारोबार करता हुआ नजर आया. आज सोमवार को एशियाई शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले, जबकि तेल की कीमतें उतार-चढ़ाव भरी रहीं. एशियन मार्केट की बात करें तो सुबह हैंग सेंग इंडेक्स 0.24 फीसदी की तेजी के साथ 26400 के करीब ट्रेड कर था. इसके अलावा निक्केई इंडेक्स में 2.71 फीसदी की जोरदार बढ़त देखने को मिली. इसके अलावा ताइवान इंडेक्स में 2.82 फीसदी की बढ़त देखी गई और शंघाई इंडेक्स में 0.64 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली. इसके अलावा कोप्सी इंडेक्स में 2.54 फीसदी की बढ़त और straits times इंडेक्स में 0.47 प्रतिशत की तेजी देखी गई है.
भारतीय शेयर बाजार पर यूएस-वेनेजुएला मामले का असर
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का वेनेजुएला में कदम वैश्विक राजनीति को और अस्थिर कर सकता है. रूस-यूक्रेन विवाद लंबा खिंच सकता है, ईरान में विरोध प्रदर्शन और वहां की सरकार की प्रतिक्रिया भी चिंता बढ़ा सकती है, और चीन भी इस अनिश्चितता का फायदा उठाकर ताइवान पर कार्रवाई कर सकता है. इस पूरी अनिश्चितता का असर मार्केट पर भी दिखाई देगा, इसलिए अब इंतजार करना होगा कि हालात कैसे बदलते हैं.
एक पॉजिटिव खबर यह है कि वेनेजुएला संकट का भारत के लिए असर मध्यम और लंबी अवधि में कच्चे तेल की कीमतों के लिए कमज़ोर (बेयरिश) है, जो भारत के लिए फायदेमंद हो सकता है.
क्या तेल की कीमतों पर पड़ेगा असर?
नज़दीकी भविष्य में मार्केट Cautious और मजबूत रहने की संभावना है क्योंकि मार्केट ऑल टाइम हाई पर है और तेजी को सपोर्ट देने वाला मोमेंटम बना हुआ है. बैंक निफ्टी भी मजबूत है और क्रेडिट ग्रोथ ने इसे मजबूत आधार दिया है. बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर के Q3 के नतीजे अच्छे आने की उम्मीद है. वीकेंड पर अमेरिका के वेनेजुएला पर हमले से सोमवार 5 जनवरी की शुरुआती ट्रेडिंग में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई. आपको बता दें कि सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल रिस्क मैनेजमेंट फर्म A/S Global Risk Management के एनालिस्ट Arne Lohmann Rasmussen के मुताबिक, वेनेजुएला भले ही तेल भंडार में सबसे पहले नंबर पर हो, लेकिन आज की हकीकत यह है कि देश दिन में 10 लाख बैरल से भी कम तेल पैदा कर रहा है. यह दुनिया के कुल तेल उत्पादन का 1% से भी कम है. इतना ही नहीं, वेनेजुएला अपने उत्पादन का भी सिर्फ करीब 5 लाख बैरल ही एक्सपोर्ट करता है. यानी, अगर वहां से सप्लाई प्रभावित भी होती है, तो उसका असर ग्लोबल लेवल पर सीमित ही रहेगा.
2 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली थी. निफ्टी ने इंट्राडे में नया ऑल टाइम हाई 26,340 अंक बनाया। सभी सेक्टर्स में खरीदारी रही सिर्फ FMCG को छोड़कर. बाज़ार की क्लोजिंग पर सेंसेक्स 573.41 अंक या 0.67% बढ़कर 85,762.01 पर बंद हुआ और निफ्टी 182 अंक या 0.70% बढ़कर 26,328.55 पर बंद हुआ था.
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