किरन्दुल : गोंडवाना समाज किरंदुल द्वारा समाज के लिए गर्व का विषय बने नव-निर्मित गोंडवाना भवन का विधिवत उद्घाटन रविवार मुख्य अतिथि एनएमडीसी अधिशासी निदेशक रवींद्र नारायण ने किया।कार्यक्रम की शुरुआत गोंडवाना समाज की परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार समाज प्रमुख द्वारा बुढ़ालपेन की सेवा-अर्जी के साथ की गई।इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत एवं सम्मान किया गया।
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सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विभिन्न गांवों से आए नन्हे आदिवासी बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। बच्चों की प्रस्तुति ने गोंडवाना संस्कृति, परंपरा और लोककला की जीवंत झलक प्रस्तुत की।मुख्य अतिथि रविंद्र नारायण सहित अन्य अतिथियों ने अपने उद्बोधन में गोंडवाना समाज की एकता,सांस्कृतिक पहचान,शिक्षा के महत्व एवं सामाजिक विकास पर प्रकाश डाला।उन्होंने नव-निर्मित गोंडवाना भवन को सामाजिक एकजुटता एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बताते हुए समाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कांकेर जिले के चारामा से लगभग 300 किलोमीटर दूर से आए मांदरी नृत्य दल की प्रस्तुति रही। दल ने पारंपरिक वेशभूषा और सजीव नृत्य के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथियों में केपी सिंह सीजीएम,के एल नागवेनी डीजीएम एचआर,एसकेएमएस यूनियन एवं इंटक यूनियन के अध्यक्ष एवं सचिव शामिल रहे।इसके अतिरिक्त किरंदुल क्षेत्र के विभिन्न समाजों के अध्यक्ष-सचिव, गोंडवाना समाज बचेली, दंतेवाड़ा एवं किरंदुल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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