जनवरी में करें इस सब्जी की खेती पुरे साल रहती है बाजार में मांग,होगा तगड़ा मुनाफा

जनवरी में करें इस सब्जी की खेती पुरे साल रहती है बाजार में मांग,होगा तगड़ा मुनाफा

खेती में मुनाफा कमाना आज के दौर में आसान नहीं रह गया है। लागत लगातार बढ़ रही है और दाम कब गिर जाएं, इसका भरोसा नहीं। ऐसे में किसान ऐसी फसल की तलाश में रहते हैं, जिसमें जोखिम कम हो और आमदनी तय मिले। जनवरी का महीना इसी लिहाज से खास माना जाता है, क्योंकि इस समय सही सब्जी का चुनाव कर लिया जाए तो कुछ ही महीनों में अच्छी कमाई संभव है। इन्हीं विकल्पों में करेला की खेती किसानों के लिए मुनाफेदार सौदा साबित हो रही है, जो एक एकड़ में दो लाख रुपये से ज्यादा की आमदनी दे सकती है और जिसकी मांग पूरे साल बाजार में बनी रहती है।

जनवरी में सब्जी की खेती के फायदे

जनवरी का महीना खेती के लिहाज से काफी अहम माना जाता है। ठंड धीरे-धीरे कम होने लगती है और तापमान सब्जियों के लिए अनुकूल होने लगता है। ऐसे समय में अगर किसान सही फसल का चुनाव कर लें, तो कम समय में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। हालांकि किसान यह भी समझते हैं कि अगर एक ही सब्जी हर कोई लगाएगा, तो मंडी में आवक बढ़ेगी और दाम गिर जाएंगे। इसी वजह से अनुभवी किसान ऐसी सब्जियों की तलाश में रहते हैं, जिनकी मांग पूरे साल बनी रहे और भाव भी ठीक-ठाक मिलता रहे।

जनवरी में होगी पक्की कमाई

जनवरी में करेला की खेती किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आती है। करेला ऐसी सब्जी है, जिसकी मांग सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे साल बाजार में बनी रहती है। जानकार किसानों का कहना है कि अगर करेला दिसंबर में लगाया जाए तो दाम और बेहतर मिलते हैं, लेकिन जनवरी में भी इसकी खेती घाटे का सौदा नहीं है। इस समय लगाए गए करेला का मंडी भाव आमतौर पर 40 से 45 रुपये किलो तक मिल जाता है, जो अच्छी कमाई के लिए काफी है।

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करेला की खेती से कितनी आमदनी?

करेला की खेती से होने वाली कमाई पूरी तरह फसल की गुणवत्ता और देखरेख पर निर्भर करती है। अगर फसल में रोग-कीट का प्रकोप नहीं होता और उत्पादन अच्छा रहता है, तो किसान बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं। सामान्य हालात में एक एकड़ से 100 से 145 क्विंटल तक करेला का उत्पादन मिल जाता है। वहीं, मौसम अनुकूल हो, अच्छी किस्म लगाई जाए और फसल की सही तरीके से देखभाल की जाए, तो उत्पादन 180 से 200 क्विंटल तक भी पहुंच सकता है। अगर मंडी में औसतन 25 रुपये प्रति किलो भाव भी मिल जाए और 100 क्विंटल उत्पादन हो, तो किसान एक एकड़ से करीब 2 लाख से ढाई लाख रुपये तक की आमदनी कर सकते हैं। सब्जी की खेती के लिहाज से यह मुनाफा काफी बेहतर माना जाता है।

वैरायटी का चुनाव क्यों है जरूरी

करेला की खेती में सही वैरायटी का चयन सबसे अहम कड़ी है। किसान अगर अपने क्षेत्र की जलवायु और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर बीज का चुनाव करें, तो उत्पादन और कीमत दोनों बेहतर मिलते हैं। कृषि विशेषज्ञों और किसानों के अनुभव के अनुसार सेमिनिस की अभिषेक, सिंजेंटा की लिटिल चैंप और अस्मिता, वीएनआर की आकाश, ईस्ट वेस्ट की प्राची और प्रगति जैसी किस्में करेला की खेती के लिए भरोसेमंद मानी जाती हैं।

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क्यों किसानों की पसंद बन रही है करेला

बदलते दौर में किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ नकदी फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। करेला की खेती कम समय में तैयार हो जाती है, मांग पूरे साल बनी रहती है और बाजार में बिक्री की दिक्कत भी कम होती है। यही वजह है कि जनवरी में करेला की खेती किसानों के लिए कम जोखिम और बेहतर मुनाफे वाला विकल्प साबित हो रही है। सही योजना और मेहनत के साथ यह फसल किसानों की आमदनी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।









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