बेमेतरा टेकेश्वर दुबे: कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं शासकीय हाईस्कूल–हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की शैक्षणिक स्थिति, परीक्षा परिणाम, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की नियमितता एवं आगामी परीक्षाओं की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां किसी विद्यालय में विषय शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां आसपास के विद्यालयों से शिक्षकों की व्यवस्था कर अतिरिक्त कक्षाएं (एक्सट्रा क्लास) नियमित रूप से संचालित की जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से विद्यालयों का औचक निरीक्षण करें तथा कक्षाओं के संचालन, शिक्षण स्तर एवं शिक्षकों की उपस्थिति की वास्तविक स्थिति का आकलन करें। वहीं, प्राचार्यों को विद्यालय स्तर पर सतत मॉनिटरिंग करने एवं सभी शिक्षकों की समय पर एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत लाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, अतिरिक्त कक्षाएं, कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान एवं समय-समय पर मूल्यांकन आवश्यक है।उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पेपर चेकिंग के लिए एक समान फॉर्मेट तैयार किया जाए तथा एक विद्यालय के प्रश्नपत्रों का मूल्यांकन दूसरे विद्यालय के शिक्षकों द्वारा किया जाए, जिससे निष्पक्षता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
कलेक्टर ने पालक–शिक्षक बैठक (पीटीएम) नियमित रूप से आयोजित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पालकों की सहभागिता से बच्चों की उपस्थिति एवं पढ़ाई दोनों में सकारात्मक सुधार आता है। पीटीएम के माध्यम से बच्चों की प्रगति, कमजोरियों एवं सुधारात्मक कदमों पर चर्चा की जाए।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्री-बोर्ड परीक्षा के पश्चात पुनः विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों के प्रदर्शन एवं सुधारात्मक कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा।
अंत में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने सभी अधिकारियों एवं प्राचार्यों से समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था की मजबूती से ही जिले का भविष्य सशक्त बनेगा। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती प्रेमलता पदमाकर,जिला शिक्षा अधिकारी सहित विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं प्राचार्य उपस्थित रहें।
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