हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। यह दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव को समर्पित है। इस दिन व्रत रखने से सभी तरह के भयों से मुक्ति, शत्रुओं पर विजय और बाधाओं का नाश होता है। भगवान काल भैरव को काशी का कोतवाल भी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो साधक कालाष्टमी के दिन पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-पाठ करते हैं, उन्हें भैरव बाबा की कृपा मिलती है। आइए इस पर्व से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है
कालाष्टमी पूजन सामग्री
पूजन विधि
भगवान भैरव के प्रिय भोग
बाबा भैरव को मीठी चीजें जैसे इमरती और जलेबी बहुत प्रिय हैं।
इस दिन उड़द की दाल के बड़े या पकोड़े का भोग लगाना शुभ माना जाता है।
कई स्थानों पर इस मौके पर दूध से बनी मिठाइयों का भी भोग लगाया जाता है।
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments