I-PAC पर ED की जांच, दिल्ली शराब घोटाले से जुड़ाव,नए नाम आए सामने

I-PAC पर ED की जांच, दिल्ली शराब घोटाले से जुड़ाव,नए नाम आए सामने

नई दिल्ली : इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के दायरे में आने वाली फर्मों में से एक कोलकाता की आर कांति लाल है, जिसका नाम पहले आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े कथित दिल्ली एक्साइज पॉलिसी घोटाले की एजेंसी की जांच में सामने आया था।

I-PAC एक कंसल्टेंसी फर्म है जिसे तृणमूल कांग्रेस सहित कई राजनीतिक पार्टियों ने हायर किया हुआ है। ED ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि I-PAC ने 2021 और 2022 के बीच गोवा में लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए, ये फंड कथित तौर पर अवैध कोयला खनन से मिले अपराध की कमाई थी।

किसे भेजे गए थे पैसे?

एजेंसी के अनुसार, गोवा में इस्तेमाल होने से पहले यह पैसा कोलकाता में आर कांति लाल फर्म सहित अन्य फर्मों के जरिए भेजा गया था। दस्तावेजों से पता चलता है कि आयकर विभाग ने जनवरी 2022 में आर कांति लाल के गोवा कार्यालय पर छापे मारे थे।

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जब्त किए गए डेटा के विश्लेषण से पता चला कि लगभग 45 करोड़ रुपये कथित तौर पर हवाला चैनलों के माध्यम से गोवा ट्रांसफर किए गए थे। जांचकर्ताओं का दावा है कि इस रकम का इस्तेमाल 2022 में गोवा विधानसभा चुनावों के दौरान चुनाव से संबंधित गतिविधियों को फाइनेंस करने के लिए किया गया था।

एजेंसी ने AAP पर दिल्ली एक्साइज पॉलिसी 2021-22 से कथित तौर पर मिले अपराध की कमाई का बड़ा लाभार्थी होने का आरोप लगाया है। ED के आरोपों के अनुसार, गोवा भेजे गए 45 करोड़ रुपये का एक हिस्सा राज्य में AAP के चुनाव अभियान को सपोर्ट करने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

किस-किस के नाम हैं शामिल?

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि I-PAC मामले में, फंड आर कांति लाल के साथ-साथ कई अन्य हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से भेजा गया था, इससे पहले कि यह 2022 में गोवा चुनावों से पहले I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन तक पहुंचा। एजेंसी ने I-PAC के कार्यालय के साथ-साथ कोलकाता के बड़ा बाजार इलाके में आर कांति लाल के ठिकानों पर भी छापा मारा।

मौजूदा मामले में ED की जांच CBI द्वारा व्यवसायी अनूप माजी और ईस्टर्न कोलफील्ड्स (कोल इंडिया की एक सहायक कंपनी) के कई अधिकारियों के खिलाफ पश्चिम बंगाल के लीजहोल्ड क्षेत्रों में कथित अवैध कोयला खनन और चोरी की जांच से जुड़ी है।

कौन है सागर पटेल?

दोनों मामलों में एक और नाम जो कॉमन है, वह है सागर पटेल का। एजेंसी ने शुक्रवार को अपनी याचिका में दावा किया कि मिली जानकारी के मुताबिक, कोलकाता से गोवा तक अपराध से कमाए गए लगभग 20 करोड़ रुपये आर कांति लाल फर्म के जरिए ट्रांसफर किए गए थे।

गोवा में हवाला ट्रांसफर को संभालने वाला कर्मचारी सागर कुमार पटेल है। पटेल, जो गोवा में आर कांति लाल का कर्मचारी था कथित तौर पर एक्साइज पॉलिसी मामले में हवाला चैनलों के जरिए फंड ट्रांसफर करने में भी शामिल था।










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