मोदी सरकार मनरेगा कानून को खत्म करना चाह रही: चरणदास महंत

मोदी सरकार मनरेगा कानून को खत्म करना चाह रही: चरणदास महंत

महासमुंद :  पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा गांव के गरीब मजदूरों को 100 दिन का रोजगार देने के लिए बनाई गई महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना को मोदी सरकार नाम बदलकर इस योजना का नाम "जीबीरामजी" कर इसे बंद करना चाह रही है। उक्त बातें छग के नेता प्रतिपक्ष व वरिष्ठ कांग्रेस नेता चरणदास महंत ने कही। शनिवार को कांग्रेस द्वारा शुरु किए गए मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान का शुभारंभ किया। अभियान के तहत कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में पत्रकारों को बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मनमोहन सिंग द्वारा कांग्रेस सांसदों की मांग पर इस योजना की शुरुआत की गई थी। तत्कालीन पीएम ने इस पर गहन विचार कर इसे योजना की बजाए इसे एक्ट मतलब कानून बनाया ताकि इसे कोई भी बंद न कर सके। पर मोदी सरकार द्वारा वर्तमान में एक्ट के नियमों में बदलाव कर योजना को बंद करने की साजिश की जा रही है। श्री महंत ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस योजना का सिर्फ नाम ही नहीं बदला है बल्कि इसमें गांव के गरीब मजदूरों के लिए 100 दिन कार्य के लिए दी गई गारंटी को भी खत्म कर दिया है।

इससे गांव में जिन मजदूरों को कार्य मिल रहा था वह अब नहीं मिल पाएगा। सरकार भले ही जनता को 125 दिन रोजगार देना की बात कही रही है जो केवल जुमला ही साबित होगा। योजना के तहत मोदी सरकार उन्ही कार्य को मंजूरी देगी जिसमें उनका फायदा होगा और कार्य ग्राम पंचायत की बजाए ठेकेदारों के माध्यम से कराया जाएगा जिससे गांव में विकास कार्य प्रभावित होगा। प्रेसवार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष व विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरी नन्द,, पूर्व प्रदेश महामंत्री अमरजीत चांवला, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर, नपाध्यक्ष निखिलकांत साहू, बागबाहरा नपाध्यक्ष श्रीमती खिलेश्वरी छोटू बघेल, तुमगांव नपं अध्यक्ष बलराम कांत साहू, महेन्द्र चंद्राकर, बागबाहरा जनपद अध्यक्ष केशव चंद्राकर, पूर्व जिपं सदस्य लक्ष्मण पटेल, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानिक साहू, पूर्व नपा उपाध्यक्ष मनोजकांत साहू, पूर्व जिपं सदस्य अमर चंद्राकर, शहर अध्यक्ष खिलावन बघेल, निर्मल जैन, शहबाज राजवानी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता मौजूद रहें।

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योजना में राज्य सरकार को देना होगा 40 प्रतिशत का भुगतान
 महंत ने कहा पूर्व में इस योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से कार्य की 90 फीसदी राशि प्रदान की जाती थी। अब योजना में किए गए नए प्रावधान के तहत केंद्र की ओर से 60 और राज्य सरकार को 40 फीसदी राशि का भुगतान करना पड़ेगा। इससे राज्य सरकारों पर आर्थिक दबाव पड़ेगा और राज्य के अन्य विकास कार्य के साथ इसका प्रभाव राज्य सरकार की योजनाओं पर भी पड़ेगा। क्योंकि योजना के तहत 40 फीसदी राशि अब उन्हें देनी होगी।

कांग्रेस करेगी चरणबद्ध आंदोलन
 महंत ने कहा 12 से 29 जनवरी तक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 12 जनवरी को कांग्रेस कार्यकर्ता सामूहिक उपवास करेंगे। केंद्र सरकार के विरोध में कांग्रेस ग्राम पंचायत में चौपाल आयोजित करेगी। गांवो में वॉल पेंटिंग। गांवो में सोनिया गांधी का मनरेगा मजदूरों के नाम वीडियो संदेश। राष्ट्रपति के नाम पोस्टकार्ड के माध्यम से योजना की बहाली हेतु पत्र लेखन। विधानसभा स्तरीय नुक्कड़ सभा जैसे अन्य आयोजनों के माध्यम से सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।










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