उन्नाव रेप कांड में भयंकर ट्विस्ट : प्राइवेट पार्ट में खरोंच मार लो…पीड़िता और चाचा की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल

उन्नाव रेप कांड में भयंकर ट्विस्ट : प्राइवेट पार्ट में खरोंच मार लो…पीड़िता और चाचा की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल

 उन्नाव रेप कांड, जिसने पूरे देश की रूह को कंपा दिया था और भारतीय राजनीति से लेकर न्यायपालिका तक में भूचाल ला दिया था, आज एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है।इस मामले में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आया है जिसने न्याय की पूरी लड़ाई को एक नई और पेचीदा दिशा दे दी है। दिल्ली हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चल रही इस कानूनी जंग के बीच अब एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। यह नया खुलासा किसी गवाह या दस्तावेज़ से नहीं, बल्कि एक 'वायरल ऑडियो' के जरिए हुआ है। इस ऑडियो में जो बातें कही गई हैं, वे इतनी चौंकाने वाली हैं कि अगर उनकी पुष्टि हो जाती है, तो इस पूरे केस की दिशा ही बदल सकती है। आखिर क्या है उस गुप्त रिकॉर्डिंग में और क्यों पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर इसे अपनी ढाल बना रहे हैं?

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वायरल ऑडियो का 'काला' सच

हाल ही में सोशल मीडिया और कानूनी गलियारों में एक ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है, जिसके बारे में यह दावा किया जा रहा है कि यह पीड़िता और उसके चाचा के बीच हुई बातचीत है। इस कथित ऑडियो में जो सुनाई दे रहा है, वह न्याय की मांग करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए विचलित करने वाला हो सकता है। दावे के मुताबिक, इस बातचीत में चाचा अपनी भतीजी (पीड़िता) को समझा रहे हैं कि उसे अपने शरीर पर चोट के निशान कैसे बनाने हैं। इतना ही नहीं, ऑडियो में कथित तौर पर उसे यौन उत्पीड़न की एक झूठी और मनगढ़ंत कहानी तैयार करने की सलाह भी दी जा रही है। इस खुलासे ने उन लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है जो सालों से इस मामले पर नजर रखे हुए थे।

कुलदीप सेंगर का दांव: कोर्ट में पेश किया 'ब्रह्मास्त्र'

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उम्रकैद की सजा काट रहे आरोपी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपनी अपील के दौरान इस ऑडियो का जिक्र किया। सेंगर के वकीलों का कहना है कि यह ऑडियो इस बात का पुख्ता सबूत है कि पूरा मामला एक राजनीतिक और पारिवारिक साजिश के तहत बुना गया था। सेंगर की ओर से दी गई दलीलों में कहा गया है कि उन्हें फंसाने के लिए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई और पीड़िता को झूठे बयान देने के लिए प्रशिक्षित किया गया। हालांकि, यह बात साफ कर देना जरूरी है कि इस ऑडियो की सत्यता और इसमें मौजूद आवाजों की पहचान की अभी तक किसी भी स्वतंत्र जांच एजेंसी या आधिकारिक संस्था द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।

न्याय की जटिल डगर: अब आगे क्या होगा?

इस ऑडियो के सामने आने के बाद अब सबकी निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं। अगर कोर्ट इस ऑडियो को साक्ष्य के रूप में स्वीकार करता है, तो मामले की दोबारा जांच की मांग उठ सकती है। यह मामला शुरू से ही बहुत संवेदनशील रहा है, जिसमें पीड़िता के पिता की कस्टडी में मौत और बाद में हुए सड़क हादसे ने इसे और भी जटिल बना दिया था। एक तरफ पीड़ित पक्ष आज भी अपनी सुरक्षा और न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह के 'वीडियो और ऑडियो' दावों ने मामले में संदेह के बादल पैदा कर दिए हैं। सच्चाई क्या है, यह तो केवल कानूनी जांच के बाद ही साफ होगा, लेकिन इस नए मोड़ ने फिलहाल सियासी और कानूनी हलकों में खलबली जरूर मचा दी है।







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