कम लागत में तगड़ा मुनाफा,बाजार में है तगड़ी डिमांड,जानें कैसे करें शिमला मिर्च की खेती?

कम लागत में तगड़ा मुनाफा,बाजार में है तगड़ी डिमांड,जानें कैसे करें शिमला मिर्च की खेती?

सर्दियों में किसानों के लिए सही फसल का चुनाव करना बहुत जरूरी है. सही तरीका और मेहनत से किसान कम खर्च में ज्यादा आमदनी कमा सकते हैं. बाराबंकी के सफीपुर गांव के किसान प्रमोद कुमार ने यही किया. उन्होंने पारंपरिक फसल छोड़कर शिमला मिर्च की खेती शुरू की और अब यह उनकी सबसे लाभकारी फसल बन चुकी है. शिमला मिर्च न केवल स्वाद में बेहतरीन होती है बल्कि पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण लोगों को खूब पसंद आती है.

किसान कम लागत, अधिक उत्पादन और बेहतर बाजार भाव के चलते इस फसल को बेहद पसंद कर रहे हैं. बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई परेशानी नहीं होती. यही वजह है कि शिमला  मिर्च की खेती आज किसानों के लिए लाखों रुपए कमाने का एक मजबूत जरिया बनती जा रही है.

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है 

कम लागत में तगड़ा मुनाफा
किसान प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्होंने पारंपरिक खेती छोड़कर एक एकड़ में शिमला मिर्च की खेती शुरू की और अब वह इससे अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. एक फसल से उन्हें 1 से 1.5 लाख रुपए तक का मुनाफा हो जाता है.प्रमोद कुमार बताते हैं, “हम शिमला मिर्च की खेती कई सालों से कर रहे हैं. पारंपरिक फसलों की तुलना में शिमला मिर्च ज्यादा मुनाफा देती है. एक एकड़ में इसकी लागत लगभग 25 हजार रुपये आती है. इसमें बीज, कीटनाशक, दवाइयां, पानी और लेबर का खर्च शामिल होता है. लेकिन मुनाफा इतना है कि हर साल यह हमारी आमदनी का मजबूत स्रोत बन गई है.”

कैसे करें शिमला मिर्च की खेती?
प्रमोद कुमार बताते हैं कि शिमला मिर्च की खेती करना बहुत आसान है. सबसे पहले बीज तैयार किए जाते हैं और नर्सरी बनाई जाती है. खेत की गहरी जुताई कर गोबर की खाद डालकर खेत तैयार किया जाता है. खेत में मेड़ बनाकर उस पर पन्नी बिछाई जाती है जिसे मल्च विधि कहते हैं. पन्नी में थोड़ी दूरी पर छेद करके पौधे की रोपाई की जाती है और तुरंत सिंचाई की जाती है. जब पेड़ थोड़ा बड़े हो जाते हैं, तो खाद और कीटनाशक दवाई का छिड़काव किया जाता है.

पौधे लगाने के 60 से 70 दिन बाद फसल निकलना शुरू हो जाती है और लगभग चार महीने तक फसल देती रहती है. मल्च विधि से खेती करने पर पेड़ को गर्मी मिलती रहती है और खरपतवार कम लगते हैं, जिससे पैदावार अच्छी होती है.

बाजार में है तगड़ी डिमांड
शिमला मिर्च की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी बाजार में मांग हमेशा रहती है. कम मेहनत और सही तकनीक से इसे उगाया जा सकता है. एक बार पौधा लगाने के बाद लगातार तीन से चार महीने तक फसल मिलती रहती है. यही कारण है कि बाराबंकी के किसान अब शिमला मिर्च की खेती को अपना मुख्य आय स्रोत बना रहे हैं.







You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments