गरियाबंद: गरियाबंद जिले में पुलिस की लगातार सख्त कार्रवाई के बावजूद धान तस्करी पर लगाम नहीं लग पा रही है। तस्कर बेखौफ होकर अवैध धान परिवहन में जुटे हुए हैं, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि आखिर इन्हें किसका संरक्षण प्राप्त है। समर्थन मूल्य का फायदा उठाने ओडिशा से धान लाकर छत्तीसगढ़ में खपाने का संगठित खेल लगातार उजागर हो रहा है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक पिछले दो माह के भीतर गरियाबंद पुलिस ने धान तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का अवैध धान जब्त किया है। इस अवधि में अब तक 3625.75 क्विंटल धान जप्त किया जा चुका है। 13 जनवरी मंगलवार को एक बार फिर पुलिस ने धान के अवैध परिवहन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 अलग–अलग प्रकरणों में 614 कट्टा (245.6 क्विंटल) अवैध धान जब्त किया। पकड़े गए धान की अनुमानित कीमत 07 लाख 61 हजार 360 रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई थाना देवभोग, अमलीपदर, इंदागांव और छुरा पुलिस द्वारा की गई है। पुलिस के अनुसार, जिले में लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अब तक 77 चार पहिया वाहन और 06 लावारिस प्रकरण सहित कुल 83 प्रकरणों में 8528 कट्टा धान जप्त कर संबंधित विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए सुपुर्द किया गया है।
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पुलिस की कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप जरूर मचा हुआ है, लेकिन लगातार तस्करी के सामने आ रहे मामलों ने प्रशासन के सामने यह बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है कि धान तस्करी के इस खेल को पूरी तरह कैसे रोका जाए।

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