परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद / छुरा : जनपद पंचायत छुरा में प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) पर लगे आरोपों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनपद अध्यक्ष श्रीमती मीरा ठाकुर ने प्रभारी सीईओ पर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार बताया। अध्यक्ष ने कहा कि प्रभारी सीईओ जनपद के विकास कार्यों को नियमों के तहत संचालित कर रहे हैं और उन पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं।
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वहीं, जनपद उपाध्यक्ष और विभिन्न सभापतियों ने अध्यक्ष के बयान से असहमति जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उपाध्यक्ष और सभापतियों का कहना है कि यदि पूरे मामले की जांच कराई जाती है तो “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनपद पंचायत में फर्जीवाड़ा और मनमानी से जुड़े मामलों की शिकायतें सही हैं और इनकी जांच होना जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जनपद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जिससे जनपद पंचायत के भीतर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई। दोनों पक्षों के अलग-अलग बयानों से यह स्पष्ट हो गया है कि जनपद पंचायत में सीईओ को लेकर मतभेद गहरे हैं।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस तरह के आपसी विवाद का सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ सकता है। अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनपद पंचायत इस विवाद को सुलझाकर जनहित और विकास कार्यों को प्राथमिकता देती है या फिर आपसी तनातनी के कारण क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
फिलहाल पूरे मामले पर जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों की भूमिका पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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