सनातन धर्म में फाल्गुन माह का खास महत्व है। यह महीना देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस महीने में महाशिवरात्रि समेत कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं। इसके साथ ही फाल्गुन महीने में विजया और आमलकी एकादशी मनाई जाती है। एकादशी तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है।
धार्मिक मत है कि एकादशी के दिन जग के नाथ भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही साधक को जीवन में सभी प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। आइए, विजया और आमलकी एकादशी की सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानते हैं-
कब मनाई जाती है विजया एकादशी?
हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी (Vijaya Ekadashi 2026) मनाई जाती है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ ही एकादशी का व्रत रखा जाता है। विजया एकादशी का व्रत करने से साधक को जीवन के सभी क्षेत्रों में विजयश्री प्राप्त होता है।
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विजया एकादशी
वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 13 फरवरी को है। इस तिथि की शुरुआत 12 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 13 फरवरी को दोपहर 02 बजकर 25 मिनट पर एकादशी तिथि का समापन होगा। इस प्रकार 13 फरवरी को विजया एकादशी मनाई जाएगी।
कब मनाई जाती है आमलकी एकादशी?
फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर आमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi 2026) मनाई जाती है। आमलकी एकादशी का व्रत करने से समस्त दुखों का नाश होता है। इस शुभ अवसर पर साधक स्नान-ध्यान कर भक्ति भाव से लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करते हैं।
आमलकी एकादशी
वैदिक पंचांग के अनुसार, 27 फरवरी (अंग्रेजी कैलेंडर अनुसार) को देर रात 12 बजकर 33 मिनट पर फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि शुरू होगी और 27 फरवरी को रात 10 बजकर 32 मिनट पर एकादशी तिथि समाप्त होगी। इस प्रकार 27 फरवरी को आमलकी एकादशी मनाई जाएगी।

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