बिलासपुर : जिले के कोटा विकासखंड में धान की कस्टम मिलिंग व्यवस्था में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए हरिकिशन फूड्स राइस मिल को सील कर दिया है और मौके से करीब 7 करोड़ 47 लाख रुपये मूल्य का 24,109.20 क्विंटल धान जब्त किया है। कार्रवाई के बाद मिलिंग व्यवस्था की निगरानी और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मिल से 2,890.80 क्विंटल धान का कोई लेखा-जोखा नहीं मिला। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत समितियों से धान उठाव और मिलिंग का कार्य जारी था, लेकिन स्टॉक मिलान में भारी अंतर पाए जाने से हेराफेरी की आशंका गहराई।
शासन द्वारा धान परिवहन पर GPS आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। इसी डिजिटल ट्रैकिंग के दौरान धान की आवाजाही में संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और स्थल पर जांच के निर्देश दिए गए।
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कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर 13 जनवरी को राइस मिल का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में सामने आया कि इस खरीफ सीजन में मिलर द्वारा करीब 27 हजार क्विंटल धान का उठाव किया गया था, लेकिन मिल परिसर में निर्धारित मात्रा से काफी कम धान मौजूद था।
हेराफेरी और रिसाइक्लिंग की आशंका
धान की कमी, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और मिलिंग प्रक्रिया में अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने धान की हेराफेरी और रिसाइक्लिंग की आशंका जताई है। इसी आधार पर पूरे उपलब्ध स्टॉक को जब्त कर राइस मिल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
नियम तोड़ने वालों पर सख्ती तय
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसानों के हितों की रक्षा और उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह कार्रवाई न सिर्फ मिलर्स के लिए सख्त संदेश मानी जा रही है, बल्कि यह भी संकेत है कि धान उपार्जन और मिलिंग व्यवस्था पर अब डिजिटल निगरानी और प्रशासनिक शिकंजा और कसने वाला है।

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