एमसीबी / मनेंद्रगढ़/ खड़गवां / चिरमिरी :मकर संक्रांति पर्व के पावन अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी एमसीबी जिले के रानीकुण्डी तीर्थ स्थल, बुन्देली ग्राम पंचायत में विशाल धार्मिक मेले का आयोजन किया गया। मेले के साथ-साथ पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का भी भव्य आयोजन हुआ, जिसमें पुरुष एवं महिला कबड्डी सहित विभिन्न ग्रामीण खेल शामिल रहे।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए। आयोजन समिति एवं समस्त सरपंच संघ, मनेन्द्रगढ़ विधानसभा द्वारा स्वास्थ्य मंत्री का फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया।
सामुदायिक भवन का भूमिपूजन
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुन्देली स्थित रानीकुण्डी धाम में सामुदायिक भवन का विधिवत भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि यह भवन बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं, खिलाड़ियों एवं बालिकाओं के ठहरने के लिए एक सशक्त सुविधा के रूप में कार्य करेगा।
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रानीकुण्डी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता
अपने उद्बोधन में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रानीकुण्डी तीर्थ स्थल क्षेत्र का एक प्राचीन एवं प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां धवरेल राजा-रानी के सती होने से जुड़ी मान्यताएं प्रचलित हैं। यहां दूर-दराज़ से श्रद्धालु स्नान, दान-पुण्य एवं भंडारे के लिए पहुंचते हैं। यहां स्थापित शिवलिंग की अपनी विशेष धार्मिक महिमा है।
उन्होंने बताया कि रानीकुण्डी का प्राकृतिक झरना अत्यंत अलौकिक है। जैसे प्रयागराज में गंगा-यमुना-सरस्वती का संगम है, उसी प्रकार यहां कौड़िया नदी, हसदेव नदी एवं रानीकुण्डी का संगम होता है, जिसे स्थानीय लोग “प्रयागराज एवं राजिम संगम” की तर्ज पर मानकर श्रद्धा से स्नान करते हैं।
भविष्य की योजनाएं और विकास का भरोसा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि आने वाले वर्षों में रानीकुण्डी तीर्थ स्थल अपने विराट स्वरूप में और अधिक भव्य दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि आज किया गया सामुदायिक भवन का भूमिपूजन इसी विकास की कड़ी है।
उन्होंने कहा कि रानीकुण्डी से उनकी गहरी आस्था जुड़ी है और वे हर वर्ष मकर संक्रांति पर यहां आते हैं। वर्तमान में जिस मंच एवं सभा स्थल से आयोजन देखा जा रहा है, उसकी नींव भी पूर्व में जन-आवश्यकता के अनुरूप रखी गई थी, जो आज भव्य रूप में सामने है।
स्वास्थ्य मंत्री ने क्षेत्र में एक बड़े पुल की आवश्यकता को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसे इसी कार्यकाल में पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले वर्षों में श्रद्धालुओं को यहां कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
पारंपरिक खेलों को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि वर्षों से यहां पुरुष एवं महिला कबड्डी, सुआ, करमा एवं शैला जैसे पारंपरिक खेलों का आयोजन होता आ रहा है, जो हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है। इन आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरण
उद्बोधन के पश्चात स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों एवं प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए गए।
उपस्थित जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य
इस अवसर पर धर्मपाल सिंह, आशीष सिंह, जानकी बाई खुसरो, जयलाल सिंह, सोनमती ऊर्रे, लखन लाल श्रीवास्तव, सरजू यादव, विभिन्न पंचायतों के सरपंच एवं पंच, भगत बाबू, आयोजन समिति के सदस्य, खेलो इंडिया के खिलाड़ी/प्रतिभागी, दर्शकगण एवं बड़ी संख्या में मेला देखने आए श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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