नई दिल्ली : मध्य प्रदेश में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विभिन्न संगठनों के कई नेताओं ने रविवार को भोपाल में अभद्र भाषा का प्रयोग किया।ब्राह्मण बेटियों को लेकर असभ्य बयान देने वाले आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने की मुख्य मांग समेत अन्य कई मांगों के बहाने भेल दशहरा मैदान में आयोजित एससी-एसटी-ओबीसी संगठनों के संयुक्त मोर्चा के सम्मेलन में जुटे नेताओं ने प्रसिद्ध कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य तक को लेकर अपशब्द कहे।
छतरपुर जिले के चांदला से भाजपा के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने स्वामी रामभद्राचार्य के वीडियो का हवाला देकर उनके लिए कहा, "तुम वाइफ को एंज्वाय की वस्तु बताते हो, इसलिए तुम्हारी आंख खराब हुई है।" दरअसल, कुछ समय पहले जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने पत्नी और वाइफ में अंतर बताने के संदर्भ में वाइफ वाली बात कही थी।
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'बाबाओं पर होनी चाहिए कार्रवाई'
प्रजापति यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा, "एक बाबा लाली लगाकर कहता है कि 25 साल की लड़कियां कथाओं में जाकर अपनी जवानी 'उतारकर' आती हैं। एक कथावाचक तो महिलाओं को खाली प्लाट कहते हैं। मैं कहता हूं, मुझे फांसी दे दी जाए, संतोष वर्मा को आईएएस अधिकारी के पद से हटा दिया जाए, पर पहले ऐसे बाबाओं पर कार्रवाई होनी चाहिए।"
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को कहे अपशब्द
दलित पिछड़ा समाज संगठन के संस्थापक दामोदर यादव ने भी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को अपशब्द कहे। कहा, "छतरपुर में एक पाखंड की दुकान खोलकर बैठा है। कहते हैं पूरी दुनिया का इलाज पर्ची से कर देंगे। तुम्हारी चमत्कार में इतनी दम होता तो अपनी यात्रा के अगले दिन मुंह में थर्मामीटर डालकर नहीं बैठे होते।" रामभद्राचार्य के बारे में अमर्यादित बात कही।
सम्मेलन में उठाई गई ये मांग
सम्मेलन में समूचे मध्य प्रदेश से लगभग 10 हजार लोग जुटे। ओबीसी महासभा, आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी, जयस सहित कई संगठन के नेताओं ने भी प्रतिभाग किया। इसमें एसटी, एससी और ओबीसी तीन लाख बैकलाग पदों पर तुरंत भर्ती करने, ओबीसी के होल्ड 13 प्रतिशत पद हाल करने और ओबीसी को 52 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने जैसी कई मांगों को उठाया गया।
भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन, जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेश मुजाल्दा व आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने भी अपनी बात कही। उल्लेखनीय कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने दो दिन पहले मीडिया से साक्षात्कार में एससी, एसटी ओबीसी महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाओं को धर्मग्रंथों से जोड़ा था।
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