कांकेर में 200 लोगों ने मूल धर्म में की वापसी,लालच देकर कराया गया था धर्मांतरण

कांकेर में 200 लोगों ने मूल धर्म में की वापसी,लालच देकर कराया गया था धर्मांतरण

कांकेर:  छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में धर्मांतरण को लेकर बड़ी घटना सामने आई है। कांकेर जिले के पीढ़ापाल गांव में 50 से अधिक परिवारों के करीब 200 लोगों ने ईसाई धर्म छोड़कर सामूहिक रूप से अपने मूल धर्म में घर वापसी की। इस दौरान 25 गांवों के समाज प्रमुखों समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

समाज के वरिष्ठों की उपस्थिति में मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद गंगाजल छिड़ककर पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक सम्मान के साथ सभी की विधिवत घर वापसी कराई गई। कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

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जानकारी के मुताबिक, पीढ़ापाल, धनतुलसी, मोदे, साल्हेभाट, किरगापाटी और तरांदुल गांवों के ग्रामीण इस पहल में शामिल रहे। बताया जा रहा है कि लंबे समय से समाज के साथ संवाद और आपसी सहमति के बाद इन परिवारों ने स्वेच्छा से अपने पारंपरिक धर्म और संस्कृति में लौटने का निर्णय लिया।

सर्व समाज के सदस्य ईश्वर कावड़े ने बताया कि यह समाज की एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अभी 3 से 4 परिवार और हैं, जिन्होंने भी मूल धर्म में लौटने की इच्छा जताई है और वे जल्द घर वापसी करेंगे।

इतने बड़े स्तर पर हुई इस घर वापसी के बाद पूरे बस्तर क्षेत्र में चर्चा तेज है। संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है और समाज के लोगों में फैसले को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।










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