परमेश्वर राजपूत,गरियाबंद : जिले में सक्रिय माओवादी एरिया कमेटियों को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत लगातार अपील की जा रही थी। गरियाबंद पुलिस की ई-30 टीम, कोबरा, एसटीएफ एवं सीआरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे सघन नक्सल विरोधी अभियानों से प्रभावित होकर प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) की सीनापाली एरिया कमेटी एवं एसडीके एरिया कमेटी के कुल 09 हार्डकोर माओवादियों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। इन माओवादियों पर कुल 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
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आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन के वरिष्ठ पदों पर रहे सदस्य शामिल हैं। आत्मसमर्पित माओवादियों में अंजू उर्फ कविता, बलदेव उर्फ वामनवट्टी, डमरू उर्फ महादेव, सोनी उर्फ बुदरी मुरिया, रंजीत उर्फ गोविंद, पार्वती उर्फ सुक्की कारम, रतना उर्फ सोमडी कुंजाम, नवीता उर्फ डांगी मंडावी तथा सरूपा शामिल हैं। इनके विरुद्ध गरियाबंद जिले में गंभीर नक्सली घटनाओं से जुड़े कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, माओवादियों ने संगठन की खोखली हो चुकी विचारधारा, जंगल में लगातार बढ़ती कठिनाइयों, हिंसा एवं विनाश के मार्ग से मोहभंग होने तथा शासन की आत्मसमर्पण–पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर यह निर्णय लिया। आत्मसमर्पण करने पर शासन द्वारा पदानुसार इनाम राशि, हथियार के साथ समर्पण पर अतिरिक्त प्रोत्साहन, स्वास्थ्य सुविधा, आवास एवं रोजगार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। पहले आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी साथियों के बेहतर जीवन को देखकर भी इन पर गहरा प्रभाव पड़ा।
गरियाबंद पुलिस द्वारा जंगल और ग्रामीण इलाकों में लगातार पोस्टर–पंपलेट एवं प्रचार के माध्यम से आत्मसमर्पण नीति की जानकारी दी जा रही थी, जिससे इनके मन में मुख्यधारा में लौटने का विचार मजबूत हुआ।इन 09 माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में गरियाबंद पुलिस की ई-30 टीम के साथ 19वीं बटालियन सीएएफ, एसटीएफ, 65वीं एवं 211वीं बटालियन सीआरपीएफ तथा कोबरा 207 बटालियन का विशेष योगदान रहा।पुलिस प्रशासन ने अन्य सक्रिय माओवादियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं। आत्मसमर्पण से संबंधित जानकारी के लिए नक्सल सेल, गरियाबंद के मोबाइल नंबर 94792-27805 पर संपर्क किया जा सकता है।
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