नई दिल्ली : पश्चिमी देशों की तुलना में कम लागत पर उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की वजह से भारत मेडिकल टूरिज्म के हब के तौर पर उभरा है। वर्तमान में भारत प्रौद्योगिकी में प्रगति, स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे के विस्तार और किफायती चिकित्सा देखभाल पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उम्मीद है कि देश वर्ष 2026 के अंत तक 13 अरब डालर के साथ वैश्विक चिकित्सा पर्यटन बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकेगा।
उन्नत स्वास्थ्य सेवा ढांचा
भारत अपनी स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना में भारी निवेश कर रहा है, जिसमें अस्पतालों और विशेष चिकित्सा केंद्रों की संख्या बढ़ाने की योजना है। 2030 तक एआइ-आधारित निदान, रोबोटिक सर्जरी और टेलीमेडिसिन जैसी तकनीकें विकसित होने की उम्मीद है जो इसे चिकित्सा पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा स्थान बनाएगी।
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भारत में चिकित्सा पर्यटन
उच्च कुशल चिकित्सा पेशेवर
भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित उच्च कुशल डाक्टरों, सर्जनों और चिकित्सा कर्मचारियों की प्रचुर संख्या है। कई भारतीय डाक्टरों ने भारत लौटने से पहले अमेरिका, यूरोप और अन्य विकसित देशों में प्रशिक्षण और कार्य किया है, जिससे वे अपने साथ व्यापक अनुभव और विशेषज्ञता लेकर आए हैं।
2030 तक, भारत में चिकित्सा पेशेवरों की संख्या में और भी अधिक वृद्धि होने की संभावना है जिससे अंतरराष्ट्रीय मरीजों को और अधिक आकर्षित किया जा सकेगा।
आयुर्वेद व योग की समृद्ध विरासत
आयुर्वेद और योग की समृद्ध विरासत देश को स्वास्थ्य पर्यटन का अनूठा गंतव्य बनाती है। 2030 तक, भारत में स्वास्थ्य पर्यटन और चिकित्सा पर्यटन का एकीकरण होने की संभावना है, जो एक व्यापक स्वास्थ्य सेवा अनुभव प्रदान करेगा।
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