रायपुर : छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (एसीबी /ईओडब्ल्यू) ने 2023 में मेडिकल उपकरण और 'रिएजेंट केमिकल' की खरीद में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है अधिकारियों ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि इन अनियमितताओं से राज्य के खजाने को 550 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि नवी मुंबई की 'डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के विपणन प्रमुख कुंजल शर्मा को बुधवार को गिरफ्तार किया गया।उन्होंने बताया कि शर्मा को आज एसीबी /ईओडब्ल्यू की विशेष अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 27 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
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अधिकारियों ने बताया कि जांच में सामने आया कि शर्मा ने 'मोक्षित कॉरपोरेशन' को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कंपनी पॉलिसी को नजरअंदाज किया तथा शशांक चोपड़ा के साथ मिलकर 'रिएजेंट्स' और अन्य सामान के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से कहीं अधिक दरें एवं शर्तें छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) को अनधिकृत रूप से डायसिस कंपनी की ओर से प्रेषित किया जिसके बाद निविदा में सीजीएमएससी ने 'मोक्षित कॉर्पोरेशन' के मनमाने दर को मान्य कर लिया।उन्होंने बताया कि 'मोक्षित कॉर्पोरेशन' ने सीजीएमएससी को वास्तविक एमआरपी से तीन गुना तक अधिक कीमत पर 'रिएजेंट्स' और अन्य सामान की आपूर्ति की तथा अनुचित भुगतान प्राप्त किया है।
अधिकारियों ने बताया कि जनहित से जुड़ी "हमर लैब" योजना में सरकारी धनराशि के दुरुपयोग से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय कर आगे भी संबंधितों के विरुद्ध कठोर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।इस मामले में इस हफ्ते की शुरुआत में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
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