किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्नत किस्मों की खेती आज समय की जरूरत बन गई है. इसी कड़ी में सिंजेंटा कंपनी का साहो टमाटर किसानों के लिए बेहद लाभदायक साबित हो रहा है. बेहतर उत्पादन क्षमता और मजबूत पौध संरचना के कारण यह किस्म तेजी से किसानों के बीच लोकप्रिय हो रही है. सबसे खास बात यह है कि साहो टमाटर की खेती से किसान कम समय में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं और लखपति बनने का सपना साकार कर सकते हैं.
जानें कृषि वैज्ञानिक से
पलामू के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि साहो टमाटर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे रस्सी के सहारे 20 फीट तक ऊपर ले जाया जा सकता है. इसकी बेल मजबूत होती है, जिससे पौधे लंबे समय तक फल देते हैं. यह एक अच्छी उपज देने वाली किस्म है, यानी फसल धीरे-धीरे और लंबे समय तक उत्पादन देती है. इससे किसानों को बाजार में लगातार टमाटर बेचने का अवसर मिलता है और कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम पड़ता है.
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1 हेक्टेयर में 600 क्विंटल की पैदावार
अगर हम इसके उत्पादन की बात करें तो साहो टमाटर एक पौधे से औसतन 5 से 7 किलोग्राम तक उपज देता है. यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती करें तो एक हेक्टेयर में 500 से 600 क्विंटल तक टमाटर का उत्पादन संभव है. एक हेक्टेयर भूमि में लगभग 4000 पौधे लगाए जाते हैं, जिससे कुल उत्पादन काफी अधिक हो जाता है. यही वजह है कि यह किस्म व्यावसायिक खेती के लिए बेहद उपयुक्त मानी जा रही है.
उन्होंने कहा कि इस खेती की शुरुआत नर्सरी से की जाती है. स्वस्थ और गुणवत्तायुक्त पौध तैयार होने के बाद खेत में रोपाई की जाती है. खेत की तैयारी के समय जैविक खाद और संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करने से फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है. समय-समय पर सिंचाई, पौधों की छंटाई और सहारा देने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है.
लखपति बन सकते हैं किसान
उन्होंने कहा कि साहो टमाटर की खेती से किसानों को कम लागत में अधिक लाभ मिल सकता है. इसकी बाजार मांग अच्छी रहती है और फल आकार में आकर्षक व गुणवत्ता में बेहतर होते हैं, जिससे अच्छे दाम मिलते हैं. यदि किसान सही तकनीक, समय पर देखभाल और बाजार से सीधा जुड़ाव रखें तो साहो टमाटर की खेती उनके लिए आमदनी का मजबूत जरिया बन सकती है और वे वास्तव में टमाटर की खेती से लखपति बन सकते हैं.
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