कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव अब तेजी से जमीन पर उतरता दिख रहा है। CES 2026 में जापानी कंपनी Kubota ने अपना नया कॉन्सेप्ट ट्रांसफॉर्मर रोबोट ट्रैक्टर पेश किया है। यह ट्रैक्टर केवल एक खेती करने वाली मशीन नहीं, बल्कि एक बहुमुखी रोबोटिक प्लेटफॉर्म के तौर पर सामने आया है, जिसे खेती के कई काम खुद करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस कॉन्सेप्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ऑटोनोमस है, यानी इसे चलाने के लिए किसान को ट्रैक्टर पर बैठने की जरूरत नहीं। साथ ही, यह हाइड्रोजन से संचालित है, जिससे इसे पर्यावरण के लिहाज से एक ईको-फ्रेंडली विकल्प माना जा रहा है।
क्या है Kubota का ट्रांसफॉर्मर रोबोट ट्रैक्टर?
Kubota का यह ट्रैक्टर एक ऐसा कॉन्सेप्ट है, जो खेती के पारंपरिक तरीके को आधुनिक बनाने का इशारा करता है। इसमें AI-बेस्ड नेविगेशन सिस्टम दिया गया है, जो इसे खेत में अलग-अलग काम करने में मदद करता है। यह ट्रैक्टर खेती के जुताई, बीज बोना, फसल कटाई जैसे कामों को आसानी से कर सकता है।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है
कैसे बदलेगा खेती करने का तरीका?
इस ट्रैक्टर में AI का इस्तेमाल केवल मशीन को चलाने तक सीमित नहीं है। यह तकनीक खेती के फैसलों को और ज्यादा स्मार्ट बनाने की दिशा में काम करती है। यह ट्रैक्टर फसल की स्थिति, मिट्टी की नमी और मौसम की जानकारी का विश्लेषण करके सबसे सही फैसला ले सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी क्षेत्र में पानी की कमी है, तो यह अपने आप सिंचाई के लिए उपकरण बदलने में सक्षम हो सकता है। यानी, यह मशीन सिर्फ काम नहीं करेगी, बल्कि जरूरत को समझकर प्रतिक्रिया भी दे सकता है।
ट्रांसफॉर्मर कॉन्सेप्ट की खास तकनीकी खूबियां
Kubota के इस रोबोट ट्रैक्टर को अलग बनाने वाली कुछ अहम विशेषताएं इनपुट में बताई गई हैं।
भारत के लिए यह कॉन्सेप्ट क्यों अहम हो सकता है?
भारत एक कृषि-प्रधान देश है और यहां की खेती का बड़ा हिस्सा छोटे किसानों पर निर्भर है। छोटे किसान अक्सर महंगे उपकरण खरीदने में सक्षम नहीं होते। ऐसे में ट्रांसफॉर्मर जैसे रोबोट ट्रैक्टर का मॉडल शेयरिंग बेसिस पर या किराए पर उपलब्ध होकर छोटे किसानों के लिए उपयोगी बन सकता है। यह उन्हें आधुनिक तकनीक का फायदा बिना बहुत बड़ी खरीद लागत के दिला सकता है।
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments