बलौदाबाजार: कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश एवं मार्गदर्शन में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान की खरीद और विपणन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुचारु बनाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में संयुक्त जांच टीम ने तहसील टुण्डरा में आशा राइस इंडस्ट्रीज, नवरंगपुर के प्रतिष्ठान का भौतिक सत्यापन किया।भौतिक सत्यापन के दौरान टीम ने पाया कि आशा राइस इंडस्ट्रीज के गोदाम में कुल 307.20 क्विंटल धान अतिरिक्त रखा गया था, जो आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार अधिभारित या बिना पंजीकरण के था। इसके आधार पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत प्रकरण दर्ज कर धान जब्त कर लिया गया। जांच टीम ने कहा कि यह कार्रवाई खरीफ विपणन वर्ष में धान की अवैध तस्करी और भंडारण रोकने के लिए की गई है।
इसी तरह ग्राम सिंघारी के थोक व्यापारी साहू ट्रेडर्स के हेमंत साहू के प्रतिष्ठान में भी भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में पता चला कि उनके गोदाम में रखे गए 252 क्विंटल धान को संधारित पंजी से मिलान नहीं किया जा सका। इसके चलते प्रशासन ने मौके पर ही उक्त धान को जब्त करते हुए गोदाम को सील कर दिया।
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कलेक्टर दीपक सोनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध धान के परिवहन, भंडारण और बिचौलियों की गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि धान का नियमित भौतिक सत्यापन कर रिकॉर्ड में अंतर पाए जाने पर अतिरिक्त रकबा समर्पित कराया जाए। इस प्रकार की कार्रवाई से खरीफ विपणन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और किसानों के हक का संरक्षण भी होगा।
जिला प्रशासन ने बताया कि इस वर्ष खरीफ विपणन कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न तहसीलों में संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है। दल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान की उपज को उचित मूल्य पर खरीदा जाए और अवैध तरीके से धान जमा करने वाले प्रतिष्ठानों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
साथ ही प्रशासन ने व्यापारियों और राइस मिल संचालकों को चेतावनी दी है कि वे सभी सरकारी रिकॉर्ड और पंजीकरण में पारदर्शिता बनाए रखें। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तुरंत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध धान भंडारण और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होने की संभावना है। कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि किसानों की मेहनत का उचित लाभ सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए न केवल धान खरीद प्रक्रिया पारदर्शी होगी बल्कि नियमित निरीक्षण और निगरानी के माध्यम से अवैध गतिविधियों को भी रोका जाएगा
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