अंबिकापुर : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के अंतिम दिनों में कालातीत हो चुके धान बीज को भी समितियों में खपाने की कोशिश हो रही है। ताजा मामला अंबिकापुर शहर के सुभाषनगर बस्ती का है। यहां एक कारोबारी द्वारा कालातीत हो चुके धान बीज के पैकेटों को खोलकर प्लास्टिक बोरे में भरा जा रहा था।
सूरजपुर जिले के सिलफिली समिति में धान को ले जाने की तैयारी थी, उसके पहले ही प्रशासनिक टीम ने मौके पर जाकर 121 क्विंटल कालातीत धान बीज को जब्त कर लिया। मौके से सैकड़ों की संख्या में अमानक धान बीज के खाली पैकेट भी जब्त किए गए हैं। बड़ी संख्या में पैकेटों को जला भी दिया गया था।
सहायक जिला खाद्य अधिकारी चित्रकांत ध्रुव ने बताया कि सोमवार को जानकारी मिली थी कि सुभाषनगर के एक गोदामनुमा घर में पैकेटों को खोलकर धान बीज को प्लास्टिक के बोरों में भरा जा रहा है। इसी सूचना पर खाद्य,राजस्व,मंडी और सहकारी समिति से जुड़े अधिकारी- कर्मचारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। यहां 295 बोरी में धान बीज को भरा जा चुका था। इसके अलावा तीन और 10 किलो वाले पैकेटों में धान बीज भरा मिला जिसे बोरों में भरकर रखा गया।
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उन्होंने बताया कि कुल 121 क्विंटल धान बीज जब्त किया गया है। केशव मंडल नामक कारोबारी द्वारा मुकेश गुहा के गोदामनुमा घर को किराए पर लिया गया था। व्यवसायी केशव मंडल का दावा है कि जिस कंपनी का धान बीज है वह छत्तीसगढ़ में अपने उत्पाद बेचने पंजीकृत है लेकिन व्यवसायी ने स्थानीय स्तर पर कृषि विभाग से लाइसेंस नहीं लिया है। उन्होंने बताया कि धान बीज को जब्त कर लिया गया है।
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि धान बीज किसी निजी कंपनी का है या बीज निगम द्वारा उपलब्ध कराया जाने वाला धान बीज। सहायक जिला खाद्य अधिकारी चित्रकांत ध्रुव ने बताया कि अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।
600 रुपये किलो बिकता है धान बीज
जब्त धान बीज प्रतिकिलो 600 रुपये बिकता है लेकिन कालातीत हो जाने के कारण इसकी उपयोगिता नहीं है। 100 दानों में से 10 से 12 दाने भी नहीं उगेंगे इसलिए व्यापारी द्वारा समर्थन मूल्य पर ही इसकी बिक्री किए जाने का प्रयास करने की संभावना जताई जा रही है। कालातीत हो जाने के कारण इसकी बिक्री नहीं होगी इसलिए इसे बिक्री करने का प्रयास किया जा रहा था इससे 3100 रुपये प्रति क्विंटल के दर से व्यवसायी को राशि मिल जाती।
साक्ष्य छिपाने सैकडों प्लास्टिक पैकेटों को जला दिया
प्रशासनिक टीम जब मौके पर पहुंची तो धान बीज के सैकड़ों खाली पैकेट मिले जबकि बड़ी संख्या में पैकेटों को साक्ष्य छिपाने की मंशा से जला दिया गया था। स्वास्थ्य की दृष्टि से धान बीज खतरनाक है क्योंकि इसे ज्यादा पैदावार की दृष्टि से तैयार किया जाता है। केमिकल कोटेड होने के कारण भी यह खाने योग्य नहीं रहता। इसके बाद भी समर्थन मूल्य पर धान बीज को समिति में बेचने सेटिंग कर ली गई थी।
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