परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद: विकासखंड छुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरझिटी के आश्रित ग्राम गिधनी में स्वीकृत आदिवासी सामुदायिक भवन वर्षों बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जनपद पंचायत छुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपते हुए भवन निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गिधनी में मध्य बस्तर क्षेत्र अंतर्गत आदिवासी सामुदायिक भवन की स्वीकृति सत्र 2020-21 से 2023-24 के बीच प्रदान की गई थी। उक्त भवन का भूमि पूजन 09 जून 2023 को जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी साहू द्वारा किया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि भवन का निर्माण शीघ्र पूर्ण होगा, लेकिन कार्य केवल डी.पी.सी. लेवल तक ही सीमित रह गया।
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2025 में जनपद सदस्य सुखबती टांडे के माध्यम से भवन का निरीक्षण कराया गया था, जिसमें एडिशनल सीईओ द्वारा भी स्थल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि भवन निर्माण कार्य प्रारंभिक स्तर पर ही अटका हुआ है। इसके बावजूद आज तक कार्य में कोई प्रगति नहीं हुई।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में जब जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया गया, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे आदिवासी समुदाय में गहरा असंतोष है। सामुदायिक भवन अधूरा होने के कारण ग्रामीणों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शासकीय बैठकों के आयोजन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने जनपद पंचायत छुरा के सीईओ से मांग की है कि अधूरे पड़े आदिवासी सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य की जांच कराते हुए इसे शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। जिस पर सीईओ ने कहा कि जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो पाएगा जिसके बाद निर्माण कार्य आगे प्रारंभ की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और वर्षों से अधूरे पड़े भवन को पूर्ण कराने की दिशा में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। इस दौरान सरपंच डेमेश्वर दीवान जनपद सदस्य सुखबती टांडे के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
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