मानवता के चैनलों से धन उगाही कर रहे पाकिस्तानी आतंकी संगठन

मानवता के चैनलों से धन उगाही कर रहे पाकिस्तानी आतंकी संगठन

वाशिंगटन : पाकिस्तान स्थित इस्लामी आतंकवादी संगठन धन जुटाने के तरीकों में विविधता ला रहे हैं और वैश्विक निगरानी से बचने के उपाय खोज रहे हैं। ये आतंकी समूह मानवता की गतिविधियों, मस्जिदों, बचाव अभियानों और युद्धों का उपयोग करके अमेरिका समेत दुनिया भर में धन जुटा रहे हैं जबकि यह इसी धन का दुरुपयोग करते हुए ''उग्र इस्लामी संदेश'' फैलाते हैं और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं।

''पाकिस्तान की मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद वित्तपोषण के मामले में एक मिश्रित अतीत' विषय पर एक ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि इस इस्लामिक देश ने कई मौकों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह किया है।''तुर्किये के पत्रकार उजाय बुलुत ने अमेरिकी मीडिया आउटलेट ''पीजे मीडिया'' की रिपोर्ट में बताया कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) गाजा राहत सहायता के बहाने धन जुटा रहा है।

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है 

पत्रकार ने लिखा,''मसूद अजहर का बेटा हम्माद अजहर गाजा सहायता के माध्यम से आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है। वह गाजा में महिलाओं से अपने चैरिटी कार्यों की प्रशंसा करते हुए वीडियो बनाने के लिए कहता है। उसका इंटरनेट मीडिया उपनाम कैसर अहमद है और वह सभी से कहता है कि वे अपने अलग उपनाम खालिद अहमद के नाम पर अपने 'ईजीपैसा बैंक खाते' में दान करें। उसे पाकिस्तान और खाड़ी देशों से दान प्राप्त होता है।''बुलुत ने कहा कि जेईएम ने पाकिस्तान में 300 से अधिक मस्जिदों के निर्माण के बहाने बड़ी रकम जुटाने का अभियान शुरू किया है। आतंकी संगठन ने 313 नए मार्काज (केंद्रीय) भवनों के निर्माण के लिए 3.91 अरब पाकिस्तानी रुपये (14 मिलियन अमेरिकी डॉलर) इकट्ठा करने के लिए डिजिटल वालेट के माध्यम से ऑनलाइन धन जुटाने का अभियान शुरू किया।

एक अन्य आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा ने बैंक खातों के बजाय सीधे डिजिटल वालेट में धन इकट्ठा करने के लिए स्विच किया है, ताकि वैश्विक मनी लांड्रिंग और आतंकवाद वित्तपोषण निगरानी संस्था एफएटीएफ की जांच से बचा जा सके।इन आतंकी समूहों द्वारा संचालित विचारधारा का लक्ष्य इस्लामी देशों का वैश्विक खलीफात स्थापित करना है, जिसका उद्देश्य सभी गैर-मुस्लिम देशों पर प्रभुत्व बढ़ाना है, जिसमें शरिया कानून का प्रवर्तन भी शामिल है।

पाकिस्तान और बांग्लादेश में हमास की गतिविधि सभी के लिए चिंता का विषय : अजार

भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने बुधवार को पाकिस्तान और बांग्लादेश में हमास नेताओं की गतिविधियों पर गंभीर ¨चता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों से सभी देशों को चिंतित होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ''हमारा मानना है कि हमें इसके खिलाफ लड़ना होगा। हमास का इस क्षेत्र में संपर्क स्थापित करना हम सभी के लिए चिंता का विषय है।''

अजार ने कहा, ''भारत और इजरायल इन मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि हम भविष्य में होने वाले किसी भी हमले से खुद को बचाने के तरीके खोज लेंगे।''










You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments