रायगढ़ : खनिज विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई का असर भी रेत माफिया पर नहीं हो रहा है। मांड नदी से रेत का अवैध खनन जारी है और परिवहन भी हो रहा है। खनिज विभाग ने रायगढ़ शहर के आसपास ही पांच हाईवा और ट्रेलर को रेत के साथ जब्त किया है। वर्तमान में हर गांव, कस्बे, शहर में निर्माण कार्य जोरों पर हैं। न केवल निजी बल्कि सरकारी काम भी तेजी से चल रहे हैैं। इसके लिए रेत की भरपूर डिमांड हो रही है। अफसोस की बात यह है कि रेत की एक भी खदान स्वीकृत नहीं की जा सकी है। एक ही वैध खदान उसरौट संचालित थी जिसे बंद करवा दिया गया। अब रेत को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। एक ट्रैक्टर ट्रॉली रेत की कीमत 1500 रुपए थी जो अब 2300 हो चुकी है।
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खनिज विभाग की वजह से ही रेत की कृत्रिम कमी हुई है। जिसको अवैध कारोबार करना है, वह तो रोज सौ डंपर निकाल रहा है। खनिज विभाग ने रायगढ़ के आसपास छह डंपरों को जब्त किया जिसमें बिना रॉयल्टी के रेत का परिवहन किया जा रहा था। गाड़ी क्रमांक सीजी 13 बीडी 3799, सीजी 13 बीसी 6950, सीजी 13 बीडी 5800, सीजी 13 बीसी 6951, सीजी 13 बीई 6100 और सीजी 13 बीएच 6558 को जब्त किया गया है। किसी में भी रॉयल्टी पर्ची नहीं मिली। ये वाहन मांड नदी से रेत निकालकर परिवहन कर रहे थे। गाडिय़ां देवेंद्र अग्रवाल और सुशांत अग्रवाल अभिलाषा कंस्ट्रक्शन की हैं।
खनन स्थल पर नहीं होती कार्रवाई
मांड नदी किनारे से सबसे ज्यादा रेत निकासी हो रही है। रोज करीब 500 डंपर रेत निकाली जा रही है। खनिज विभाग कभी-कभार पांच-सात गाडिय़ां पकड़ लेता है। इस कार्रवाई की वजह से रेत की कीमत बढ़ती जा रही है। रेत खदानें आवंटित नहीं करने की वजह से अवैध खनन का कारोबार करने वाले माफिया बढ़ गए हैं। अब यह कारोबार कभी रुकने वाला नहीं है।
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