भाई-बहनों की लड़ाई: बचपन की नोंकझोंक क्यों नहीं खत्म होती बड़े होने पर भी

भाई-बहनों की लड़ाई: बचपन की नोंकझोंक क्यों नहीं खत्म होती बड़े होने पर भी

 नई दिल्ली: यह किस्सा घर-घर का ही है कि छोटे भाई-बहन आपस में झगड़ते हैं, लेकिन कई बार यह लड़ाई ताउम्र चलती है। कुछ मामलों में यह प्रतिस्पर्धा या लड़ाई हल्के-फुलके मनमुटाव के साथ चलती रहती है, पर कुछ मामलों में रिश्ते टूटने तक की नौबत आ जाती है।आखिर ऐसा क्यों है कि एक ही परिवार में जन्मे बच्चों के बीच वयस्क होने तक लड़ाइयां चलती रहती हैं और उसके क्या परिणाम होते हैं, आइए जानते हैं।

क्या है इस लड़ाई की वजह

  1. जेनेटिक्स
  2. जीवन से जुड़ी कुछ घटनाएं
  3. जेंडर
  4. पेरेंट्स के साथ रिश्ते
  5. परिवार के बाहर मिलने वाले अनुभव

इस तरह नजर आते हैं लड़ाई के लक्षण

  1. जलन की भावना
  2. प्रतिस्पर्धा, दिखावा
  3. माता-पिता का ध्यान अपनी तरफ खींचने का प्रयास
  4. लड़ाई में पेरेंट्स का मत अपनी तरफ करने की कोशिश
  5. बड़े भाई-बहनों को बड़ा ना मानना
  6. अपने सिबलिंग को दुश्मन समझना
  7. भाई-बहनों की जिंदगी या रिश्ते में दखल देना
  8. अपने भाई या बहन को नीचा या कमतर दिखाने का प्रयास

रिसर्च में सामने आई है ये बात

साल 2011 की रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि पेरेंटिंग स्टाइल का काफी गहरा प्रभाव सिबलिंग्स पर नजर आता है। भले ही माता-पिता अपने सभी बच्चों को एक जैसा प्यार करते हों लेकिन किसी एक को ज्यादा लाड़ करना आम है। इससे जुड़ी एक और रिसर्च बताती है कि पेरेंट्स का किसी एक बच्चे पर थोड़ा ज्यादा प्यार लुटाना परिवार के सभी बच्चों के मानसिक सेहत को प्रभावित करता है। यहां तक कि उस फेवरेट बच्चे की भी।

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है 

ऐसे दूर कर सकते हैं यह मनमुटाव

  1. बच्चों को यह बात समझनी चाहिए कि पेरेंट कभी भी किसी एक बच्चे को ज्यादा प्यार नहीं कर सकते, बस किसी ना किसी वजह से एक बच्चे के ज्यादा क्लोज होते हैं। उन्हें इस बात की खबर तक नहीं होती है और ना ही वो अपने दूसरे बच्चे का दिल दुखाने के लिए ऐसा कर रहे होते हैं।
  2. कभी भी अपने भाई या बहन से प्रतिस्पर्धा ना करें और ना ही उन्हें फेवरेट बच्चा होने का ताना दें। इसमें उनका कोई दोष नहीं होता। पेरेंट के साथ आपके रिश्ते कैसे हैं सिर्फ उस पर फोकस करें।
  3. बड़े होने पर सिर्फ आपके सिबलिंग्स ही नहीं होते, आपका अपना एक अलग परिवार भी बनता है। आपको उनसे भी वही प्यार और सपोर्ट मिल सकता है, जो एक ही परिवार में जन्मे भाई-बहनों से मिलता है।
  4. इस झगड़े या मनमुटाव के स्ट्रेस से बाहर आने के लिए आप एक्सपर्ट की भी मदद ले सकते हैं।  










You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments