हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में महादेव को 'कलियुग का जागृत देव' माना गया है। अक्सर जब जीवन में परेशानियां एक के बाद एक आने लगती हैं या मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिलती, तो हम इसके पीछे ग्रहों की चाल, खासकर शनि देव के प्रभाव को देखते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि महादेव की आराधना के जरिए शनि देव को प्रसन्न करना सबसे सरल मार्ग है? साल 2026 में भी यह प्राचीन मान्यता उतनी ही प्रभावी है जितनी सदियों पहले थी।
काले तिल और महादेव का गहरा संबंध
ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक महत्व है। शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है और वे भगवान शिव के परम भक्त व शिष्य हैं।
मान्यताओं के अनुसार, जब कोई व्यक्ति पूरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाता है, तो उसे शनि की साढ़ेसाती और ढैया के नकारात्मक प्रभावों से तुरंत राहत मिलने लगती है। काले तिल को शनि की ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जिसे शिव को समर्पित करने से कुंडली के कष्ट शांत होते हैं।
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किस दिन चढ़ाना है सबसे शुभ?
यूं तो आप महादेव की पूजा किसी भी दिन कर सकते हैं, लेकिन शनिवार का दिन इसके लिए विशेष रूप से फलदायी माना गया है। शनिवार के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर, तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरकर उसमें थोड़े काले तिल मिला लें।
इसके बाद शिवलिंग पर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए जल अर्पित करें। इसके अलावा, प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि जैसे अवसरों पर तिल चढ़ाना आपकी सोई हुई तकदीर को जगा सकता है।
संकटों से मुक्ति और सुख-समृद्धि
शिवलिंग पर तिल चढ़ाने से न केवल ग्रहों के दोष दूर होते हैं, बल्कि यह मानसिक शांति भी प्रदान करता है। अगर आपके काम बनते-बनते बिगड़ रहे हैं या घर में कलह का माहौल रहता है, तो काले तिल अर्पित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह क्रिया आपके आत्मविश्वास को बढ़ाती है और आपको कठिन परिस्थितियों से लड़ने की आंतरिक शक्ति प्रदान करती है।
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