सनातन धर्म में हर महीने का अपना एक विशेष महत्व है, लेकिन माघ महीने को बेहद पवित्र और फलदायी माना गया है। पंचांग के अनुसार, यह साल का 11वां महीना होता है। साल 2026 में माघ माह की शुरुआत 3 जनवरी 2026 से हुई थी। वहीं, इसका समापन 1 फरवरी 2026 यानी माघ पूर्णिमा को होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में किया गया स्नान, दान और जप-तप व्यक्ति को पापों से मुक्त कर मोक्ष की ओर ले जाता है। आइए जानते हैं माघ महीने के महत्व और इसे देवमास कहे जाने के पीछे की वजह।
क्यों कहते हैं माघ को देवमास?
माघ महीने का महत्व
पद्म पुराण में कहा गया है कि माघ महीने में किया गया स्नान और व्रत भगवान विष्णु को जितना प्रिय है, उतना कोई अन्य तप नहीं। इसी महीने में प्रयागराज में कल्पवास की परंपरा निभाई जाती है। कल्पवास का मतलब संगम तट पर रहना, दिन में एक बार भोजन करना, जमीन पर सोना और दिन-रात भजन-कीर्तन करना, जो संयम और आत्म-शुद्धि का सबसे कठिन व्रत है।
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माघ महीने में क्या करें?
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