इस वर्ष 1 फरवरी 2026 को आने वाली यह माघ पूर्णिमा कोई साधारण पूर्णिमा नहीं है बल्कि ज्योतिष की दुनिया में इस दिन ग्रहों की चाल कुछ ऐसे दुर्लभ संकेत दे रही है, जो दशकों में कभी-कभी ही देखने को मिलते हैं। यह पावन अवसर सिर्फ पवित्र स्नान या दान-पुण्य तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि इस बार ग्रह-नक्षत्रों का जो अद्भुत मेल बन रहा है, वह आपकी लाइफ में बड़े और पॉजिटिव बदलाव लाने की क्षमता रखता है।अगर आप भी अपनी लाइफ में एक नई शुरुआत या पुरानी मुश्किलों से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो यह पूर्णिमा आपके लिए किसी ब्रह्मांडीय वरदान से कम नहीं है। आइए जानते हैं इस माघ पूर्णिमा के वे 5 बड़े संकेत और संयोग, जो आपके जीवन की दिशा बदल सकते हैं।
माघ पूर्णिमा तिथि
वर्ष 2026 में माघ पूर्णिमा का पावन (Magh Purnima 2026 Auspicious Conjunctions) पर्व 1 फरवरी 2026, रविवार के दिन मनाया जाएगा। रविवार का दिन और पूर्णिमा का यह संयोग (Magh Purnima 2026 Auspicious) बहुत ही शुभ फल देने वाला माना जा रहा है।
पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 1 फरवरी 2026 को सुबह 5:52 बजे से।
पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 2 फरवरी 2026 को रात 3:38 बजे तक।
माघ पूर्णिमा के 5 बड़े ज्योतिषीय संकेत
1. चंद्रदेव का अपनी प्रिय राशि में गोचर: इस पूर्णिमा पर चंद्रदेव स्वयं की राशि 'कर्क' में विराजमान रहकर अपनी सकारात्मक ऊर्जा देंगे। चंद्रदेव का अपनी ही राशि में होना मन को शांति और इमोशनल हीलिंग देने वाला संकेत है।
2. मकर राशि में ग्रहों का मजबूत प्रभाव: इस समय मकर राशि में कई ग्रहों की मौजूदगी अनुशासन और कर्तव्य की भावना को बढ़ा रही है। यह संयोग हमें अपने पुराने कर्मों को सुधारने और भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखने का अवसर दे रहे हैं।
3. शनिदेव की सीख और अनुशासन: शनिदेव इस समय धैर्य और अनुशासन की परीक्षा ले रहे हैं। यह दुर्लभ समय है जब शनिदेव की कृपा से कठिन परिश्रम का फल मिलने की संभावना बन रही है, जो लंबे समय तक टिकने वाली सफलता दिला सकती है।
4. पितृ कृपा और आशीर्वाद: माघ पूर्णिमा का यह पावन दिन पूर्वजों को याद करने के लिए बेहद खास है। इस समय ग्रहों की स्थिति ऐसी है कि आपके द्वारा किया गया तर्पण और प्रार्थना सीधे पितरों तक पहुंचती है। उनका आशीर्वाद आपके जीवन की बड़ी बाधाओं को दूर कर सकता है।
5. दान का अनंत फल: इस दिन किया गया छोटा सा निस्वार्थ दान आपके पुराने कर्मों के बोझ को कम करने की शक्ति रखता है। ग्रहों के शुभ संयोग के कारण, पूर्णिमा पर दिया गया दान पूरे साल के पुण्य के बराबर फल दे सकता है, जो आपके भाग्य को जगाएगा।
ये 4 राशियां इस पूर्णिमा पर होने वाली हैं सबसे ज्यादा लक्की
कर्क राशि (Cancer): सबसे पहले बात करते हैं कर्क राशि की। इस पूर्णिमा पर आपके राशि स्वामी, चंद्रदेव, स्वयं आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं। यह एक बहुत ही सुंदर संयोग है जो आपके मन को गहरी शांति और सुकून प्रदान कर रहा हैं। यदि पिछले कुछ समय से आप मानसिक तनाव या घर में अनबन महसूस कर रहे थे, तो चंद्रदेव की कृपा से अब परिवार में तालमेल बढ़ेगा। यह समय अपनी अंतरात्मा की सफाई और पुरानी कड़वाहट को भूलकर आगे बढ़ने का है।
मकर राशि (Capricorn): मकर राशि के जातकों के लिए शनिदेव और अन्य महत्वपूर्ण ग्रहों का गोचर करियर के क्षेत्र में नई ऊर्जा लाने वाले है। आप लंबे समय से जिन कर्मों का बोझ ढो रहे थे या मेहनत का फल न मिलने से परेशान थे, अब वहां स्थिरता आती दिख रही है। शनिदेव आपकी मेहनत को पहचान दे रहे हैं और आपकी प्रोफेशनल लाइफ में एक ठोस शुरुआत के संकेत दे रहे हैं। यह समय अनुशासित रहकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने का है।
ये भी पढ़े : आज पूर्णिमा के दिन इन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, पढ़े राशिफल
कुंभ राशि (Aquarius): कुंभ राशि के लिए यह समय समाज में अपनी पहचान मजबूत करने का है। आपकी मेहनत और दूसरों की मदद करने का स्वभाव आपको आध्यात्मिक रूप से काफी ऊंचा ले जा सकता है। शनिदेव की कृपा से समाज में आपका कद बढ़ेगा और लोग आपकी सलाह को महत्व देंगे। यह गोचर आपको मानवता की सेवा और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में प्रेरित कर रहे हैं, जिससे आपको आंतरिक संतुष्टि और मान-सम्मान प्राप्त होगा।
मिथुन राशि (Gemini): मिथुन राशि के जातकों को बुधदेव की विशेष कृपा प्राप्त हो रही है। इस पूर्णिमा के प्रभाव से आपके विचारों में गजब की स्पष्टता आएगी। जो लोग अब तक किसी दुविधा में थे, उन्हें सटीक निर्णय लेने में आसानी होगी। शिक्षा या कुछ नया सीखने के नए रास्ते खुलेंगे। यह समय अपनी बुद्धिमानी का सही इस्तेमाल करने और नई जानकारियों को जीवन में उतारने का है, जो भविष्य में आपके लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होगा।
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments