कोलकाता/ सिलीगुड़ी : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को टीएमसी सरकार पर घुसपैठियों को बचाने, भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने और चुनावी फायदे के लिए जानबूझकर सीमा सुरक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला।
कोलकाता से सटे उत्तर 24 परगना के बैरकपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि ममता बनर्जी, आप एसआइआर का जितना विरोध करना चाहें करें, लेकिन यह प्रक्रिया घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि एसआइआर से घुसपैठियों के नाम सूची से बाहर हो जाएंगे।
यदि कोई अवैध नाम शेष रह भी जाएंगे तो भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें भी हटा दिया जाएगा। वहीं, कोलकाता आनंदपुर में मोमो फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड की घटना पर घेरते हुए शाह ने इसे टीएमसी सरकार के भष्टाचार का नतीजा बताया। शाह ने कहा कि राज्य प्रशासन की विफलता के चलते आग में 25 लोगों की जान चली गई और 27 लोग अभी भी लापता हैं।
शाह ने आगे कहा कि ममता सरकार घुसपैठियों को खुश करने में जुटी है। ममता दीदी एसआइआर से इसलिए डरी हैं क्योंकि इससे घुसपैठिए चिन्हित हो जाएंगे और उनका वोट बैंक प्रभावित होगा। शाह ने हुंकार भरते हुए कहा कि हम आज वादा करके जा रहे हैं कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर यहां से एक-एक घुसपैठियों को वापस भगाएंगे।
शाह ने आरोप लगाया कि जिस तरह से बंगाल में घुसपैठ हो रही है, वह पूरे देश के लिए सुरक्षा का मुद्दा बन गया है। शाह ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद भी तृणमूल सरकार बीएसएफ को सीमा पर बाड़बंदी के लिए जमीन नहीं दे रही है, क्योंकि घुसपैठिए उसके वोट बैंक हैं।
शाह ने कलकत्ता हाई कोर्ट के हालिया निर्देश का उल्लेख करते हुए कहा कि मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि चाहे ममता बनर्जी अदालत के निर्देश के अनुसार 31 मार्च तक बीएसएफ को भूमि उपलब्ध कराएं या नहीं, अप्रैल में भाजपा का मुख्यमंत्री बनते ही 45 दिनों के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा कर दिया जाएगा।
उन्होंने यह दावा भी किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो जाएगी। शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार जितनी भ्रष्ट कोई और सरकार देश में नहीं है।
चिकन नेक किसी के बाप की जागीर नहीं, इसे कोई नहीं छू सकता
दूसरी ओर, सिलीगुड़ी में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान शाह ने देश की अखंडता पर चोट पहुंचाने की मंशा रखने वालों को सख्त संदेश हुए उत्तर बंगाल में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण चिकन नेक कारिडोर (सिलीगुड़ी कारिडोर) की सुरक्षा का पूर्ण भरोसा देते हुए कहा कि इसे कोई छू नहीं सकता।
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शाह ने बिना नाम लिए इशारों में बांग्लादेश को भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि चिकन नेक किसी के बाप की जागीर नहीं है। भारत की भूमि पर किसी की भी बुरी नजर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शाह की यह टिप्पणी बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से कट्टरपंथी तत्वों द्वारा उत्तर पूर्वी राज्यों को शेष भारत से जोडऩे वाले बंगाल के उत्तरी क्षेत्र में स्थित महत्वपूर्ण चिकन नेक इलाके को कब्जे में लेने की धमकियों के बीच आई है।
कुछ समय पहले दिल्ली में भी कुछ लोगों द्वारा देश को तोडऩे और चिकन नेक को काटकर असम और उत्तर पूर्व को भारत से अलग करने के नारे लगाए गए थे। शाह ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने इसे काटने का सपना देखने वालों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजकर बता दिया था कि देख विरोधी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उनका इशारा दिल्ली दंगे के आरोपित शरजील इमाम की तरफ था। हालांकि उन्होंने कहा कि हैरानी तब हुई जब ऐसे तत्वों की पैरवी करने के लिए कांग्रेस से जुड़े वकील और नेता कोर्ट में खड़े नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग इस साजिश में शामिल थे, विपक्षी आइएनडीआइए गठबंधन के सहयोगी उन्हें जेल से छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे।
ममता सरकार के भ्रष्टाचार की वजह से कोलकाता अग्निकांड में गईं 25 जानें
गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता के आनंदपुर इलाके में वाओ मोमो फैक्ट्री व गोदाम में हाल में लगी भीषण अग्निकांड की घटना को लेकर ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह आग कोई साधारण दुर्घटना नहीं है, बल्कि राज्य प्रशासन में फैले भ्रष्टाचार का नतीजा है।
शाह ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद फैक्ट्री मालिक की अब तक गिरफ्तारी नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री मालिक सत्ता में बैठे लोगों के बेहद करीब है, इसी वजह से उसके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही। गृह मंत्री ने ममता सरकार से इस घटना की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच कराने की मांग की।
शाह ने इस घटना को टीएमसी के भ्रष्टाचार और सिंडिकेट राज का जीवंत प्रमाण बताते हुए कहा कि अप्रैल में चुनाव के बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही इस अग्निकांड के एक-एक अपराधी को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। अग्निकांड को लेकर ममता सरकार से कई सवाल पूछे।
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