नई दिल्ली : बजट वाले दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पहनावे को लेकर टिप्पणियां की गईं, जिसको लेकर उन्होंने प्रतिक्रिया दी है। वित्त मंत्री ने इसे महिलाओं के बारे में पूर्वाग्रह बताया।हर साल बजट पेश करते समय उनकी साड़ी पर लोगों का ध्यान जाता है। सीतारमण ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां शायद ही कभी दुर्भावना से प्रेरित होती हैं, बल्कि यह उन धारणाओं को दिखाती हैं जो रोजमर्रा की बातचीत में आम तौर पर सामने आती हैं।
'किस तरह के कपड़े पहन रही हैं?'
उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है कि हम जानबूझकर इसे बढ़ावा देते हैं, लेकिन यह हमारे अंदर मौजूद है और अक्सर बातचीत में सामने आता है। वह किस तरह के कपड़े पहन रही है? या वह क्या कर रही है? जैसी टिप्पणियां दिखाती हैं कि महिलाओं को कैसे देखा जाता है, न कि उन्हें विचारों और क्षमताओं वाले व्यक्ति के तौर पर देखा जाता है।"
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'सीधे चुनौती देने का होता है मन'
वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें अक्सर ऐसी टिप्पणियों को सीधे चुनौती देने का मन करता है। सीतारमण ने कहा, "मैं उनसे कह सकती हूं, यह इस तरह से नहीं किया जाना चाहिए। एक महिला के तौर पर हम कभी किसी आदमी को देखकर यह नहीं कहेंगी कि उसे यह इस तरह से नहीं करना चाहिए। हम ऐसा बिल्कुल नहीं करेंगी।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे नहीं लगता कि ऐसी टिप्पणियां आमतौर पर बुरे इरादे से की जाती हैं, लेकिन कभी-कभी छिपे हुए पूर्वाग्रह सामने आ जाते हैं। मैं अपना अनुभव शेयर करूंगी। हर साल, यह मेरे आस-पास एक चर्चा का विषय बन जाता है, लोग पूछते हैं, आप बजट के दिन क्या पहनने वाली हैं?"
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब यूनियन बजट भाषण पर सबकी नजर थी। सीतरमण ने 124 मिनट तक भाषण दिया और इसमें आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं के बारे में बताया गया।


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