क्या आप जानतें हैं माइग्रेन और नॉर्मल सिरदर्द में क्या है अंतर

क्या आप जानतें हैं माइग्रेन और नॉर्मल सिरदर्द में क्या है अंतर

सिरदर्द एक आम समस्या है, जिससे लगभग हर व्यक्ति कभी न कभी परेशान होता है. अक्सर लोग सिरदर्द को सामान्य समझकर दर्द की गोली खा लेते हैं या आराम कर लेते हैं. लेकिन जब सिरदर्द बार-बार होने लगे, ज्यादा तेज हो जाए या रोजमर्रा के कामों में दिक्कत पैदा करने लगे, तो इसे हल्के में लेना सही नहीं होता. कई बार यही सिरदर्द माइग्रेन का रूप भी हो सकता है, जो एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या मानी जाती है. माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द के कारण, असर और इलाज अलग-अलग होते हैं.

सही समय पर फर्क न समझ पाने से समस्या बढ़ सकती है और दर्द लंबे समय तक बना रह सकता है. खासतौर पर कामकाजी लोग, महिलाएं और युवा इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं. इसलिए यह जानना जरूरी है कि बार-बार होने वाला सिरदर्द  किस तरह की परेशानी की ओर इशारा करता है. सही जानकारी से समय पर इलाज और बचाव संभव है. आइए जानते हैं कि माइग्रेन और नॉर्मल सिरदर्द में क्या अंतर है.

माइग्रेन और नॉर्मल सिरदर्द में क्या अंतर है:- माइग्रेन और सामान्य सिरदर्द में सबसे बड़ा अंतर दर्द की प्रकृति और असर का होता है. नॉर्मल सिरदर्द आमतौर पर हल्का या मध्यम होता है और पूरे सिर या माथे में दबाव जैसा महसूस होता है. यह थकान, तनाव, नींद की कमी या लंबे समय तक स्क्रीन देखने से हो सकता है. वहीं, माइग्रेन का दर्द अक्सर सिर के एक तरफ तेज और धड़कन जैसा होता है. माइग्रेन में सिरदर्द के साथ उलटी, मतली, रोशनी और आवाज से परेशानी भी हो सकती है. माइग्रेन का दर्द कई घंटों से लेकर कई दिनों तक रह सकता है, जबकि सामान्य सिरदर्द कुछ समय में ठीक हो जाता है. नॉर्मल सिरदर्द में आराम या दवा से राहत मिल जाती है, लेकिन माइग्रेन में खास इलाज और सावधानी की जरूरत होती है. यही कारण है कि दोनों को अलग-अलग समझना जरूरी है.

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कैसे करें माइग्रेन से बचाव:- माइग्रेन से बचाव के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी है. रोज़ाना पूरी नींद लें और सोने-जागने का समय तय रखें. तेज रोशनी, तेज आवाज और ज्यादा स्क्रीन टाइम से बचें. ज्यादा तनाव लेने से माइग्रेन बढ़ सकता है, इसलिए योग, ध्यान और गहरी सांस लेने की आदत अपनाएं. बहुत देर तक भूखे न रहें और समय पर हल्का व संतुलित भोजन करें. ज्यादा कैफीन, तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करें. माइग्रेन ट्रिगर करने वाले कारणों को पहचानना और उनसे दूरी बनाना भी मददगार होता है. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवा लें.

कैसे करें सिरदर्द से बचाव:- सामान्य सिरदर्द से बचने के लिए रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देना जरूरी है. पर्याप्त पानी पिएं, क्योंकि डिहाइड्रेशन से सिरदर्द हो सकता है. लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर देखने से बचें और बीच-बीच में आंखों को आराम दें. तनाव कम रखें और हल्की एक्सरसाइज करें. सही पोजिशन में बैठें और गर्दन व कंधों पर ज्यादा दबाव न डालें. समय पर भोजन और पर्याप्त नींद भी सिरदर्द से बचाव में मदद करती है. अगर सिरदर्द बार-बार हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है.










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