संसद में नियमों का उल्लंघन सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान संसदीय नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के बार-बार निर्देशों के बावजूद, कांग्रेस नेता ने अध्यक्ष को चुनौती दी और विषय से भटकते रहे, जिसमें चीन सीमा का मुद्दा भी शामिल था। रिजिजू ने बताया कि उनकी पार्टी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया था और सभी ने राहुल गांधी का भाषण सुनने का प्रयास किया। लेकिन राहुल गांधी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए एक संदिग्ध किताब का हवाला दिया।
रिजिजू का आरोप
रिजिजू ने कहा कि रक्षा मंत्री और अन्य ने सदन में नियमों के अनुसार चलने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने आधा घंटा बर्बाद किया और बार-बार वही बातें दोहराईं। उन्होंने चीन सीमा पर बोलते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस पार्टी 1959 और 1962 में चीन द्वारा कब्जाई गई भूमि को वापस ला सकती है।
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माफी की मांग
रिजिजू ने राहुल गांधी से माफी मांगने की अपील की और उन पर संसद के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और कांग्रेस नेताओं ने व्यवधान पैदा किया। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी को चीन सीमा से संबंधित पार्टी के 'पापों' के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
राहुल गांधी का जवाब
आज सुबह, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की आपत्तियों को चुनौती दी। उन्होंने पूछा कि सरकार सामग्री से इतनी 'डरी हुई' क्यों है और डोकलाम गतिरोध से संबंधित अंशों को पढ़ने पर जोर दिया, जो उनके अनुसार सच्ची देशभक्ति को दर्शाते हैं।
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