उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान अब गन्ने की खेती के साथ बड़े पैमाने पर सहफसली खेती करने लगे हैं, जिस कारण किसानों को अच्छा खासा मुनाफा हो रहा है. वहीं कृषि विभाग की ओर से किसानों को लगातार जागरूक भी किया जा रहा है, जिससे किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सके. ऐसे में किसान अब शीतकालीन गन्ने के साथ लहसुन की खेती करने लगे हैं कम लागत में अधिक मुनाफा लहसुन की खेती से कमाया जा सकता है.
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किसान सिमरनजीत सिंह ने बातचीत करते हुए बताया कि इस समय उनके 1 एकड़ खेत में लहसुन के साथ गन्ना लगा हुआ है. लहसुन के साथ गन्ने की खेती करने से कई फायदे होते हैं. गन्ना उत्पादन में वृद्धि होती है. गन्ने की फसल में लगने वाले रोग कम हो जाते हैं. किसान अब पारंपरिक खेती से हटकर नई फसलों की ओर रुख कर रहे हैं. इन बदलावों से किसानों को पहले की तुलना में अधिक उत्पादन और बेहतर मुनाफा हो रहा है. गन्ने की पेमेंट के लिए किसानों को इंतजार करना पड़ता है. जबकि लहसुन की खेती में मंडी से नगद पैसा प्राप्त होता है. मुनाफा देख गांव और क्षेत्र के अन्य किसानों का रूझान भी लहसुन की खेती की ओर बढ़ा है. इसकी खेती से किसान बंपर कमाई कर रहे हैं. बाजारों में इस समय₹100 से लेकर ₹200 प्रति किलो के हिसाब से लहसुन बिक रहा है. लहसुन की डिमांड बाजार में सालभर रहती है, जिस कारण अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है.
कृषि वैज्ञानिक ने दी जानकारी
कृषि वैज्ञानिक प्रदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि एक ही खेत में गन्ना और लहसुन दोनों फसल आसानी से किसान पैदा कर सकते हैं. जिससे किसानों की आय दोगुनी हो जाती है. वहीं गन्ने की पंक्तियों के बीच खाली जगह का उपयोग लहसुन उगाने में होता है, जिससे ज्यादा फायदा हो सकता है. ऐसे में खरपतवार नियंत्रण पर भी छुटकारा मिल जाता है. लहसुन की खुशबू और घनापन होने के कारण खरपतवार को उगने से रोका जा सकता है. जिससे गन्ने की गुड़ाई और निराई का खर्च भी बच जाता है. लहसुन की गंध कुछ कीटों को दूर भागती है, जिससे गन्ने की फसल में रोगों का प्रकोप कम रहता है. जिस कारण कीटनाशक दवाओं का भी इस्तेमाल कम होता है और खर्चे से छुटकारा मिल जाता है. एक ही मेहनत और लागत में दो फसल आसानी से मिल जाती है. जिससे प्रति एकड़ उत्पादन की लागत घट जाती है.
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