बैंगन का भर्ता हो या बैंगन की सब्जी की भाजी बहुत सारे लोगों का इसका स्वाद बेहद पसंद होता है। बैंगन साल भर बाजार में यूं तो बड़ी आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन आप इन्हें घर में बड़ी आसानी से उगा भी सकते हैं। अगर आप भी ताजे और केमिकल फ्री बैंगन खाना चाहते हैं तो यहां हम आपको बैंगन उगाने से लेकर उसकी देखभाल करने की तकनीक के बारे में बताने जा रहे हैं। रोपाई करने के 55 से 60 दिन बाद फल निकलने शुरू होने लगते हैं।
बैंगन उगाने के लिए इस तरह तैयार करें मिट्टी
बैंगन उगाने के लिए आपको सबसे पहले सही तरीके से मिट्टी तैयार करनी होगी। इसके लिए आप 60% रेत, 20% मिट्टी और 20% गोबर की खाद लें। इन्हें मिक्स कर लें। आप चाहें तो वर्मीकम्पोस्ट या घर पर बनी खाद भी ले सकते हैं। रेत नहीं मिल पाए तो आप कोकोपीट और मिट्टी का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है
बैंगन का पौधा कैसे उगाएं?
सबसे पहले गमले या फिर पुरानी बाल्टी पॉटिंग से भरें। अब इसमें बैंगन के बीज डालें। फिर ऊपर से हल्की सी मिट्टी से ढक दें। इसके बाद स्प्रे करके पानी दें। इन्हें ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप न आती हो। इस बात का ख्याल रखें कि पानी बहुत ज़्यादा न हो। लगभग 7-8 दिनों में बीज अंकुरित होने लगते हैं। कभी-कभी 10 दिन भी लग जाते हैं, इसलिए धैर्य रखें।
कम से कम 15 दिन बाद इन छोटे-छोटे पौधों को धूप में रखें। मौसम गर्म होने पर नियमित तौर पर ज़रूरत के हिसाब से पानी देते रहें। करीब 30-35 दिन बाद आपके पौधे इतने बड़े हो जाएंगे कि आप इन्हें दूसरी जगह भी ट्रांसप्लांट कर सकते हैं। अगर आपका गमला बड़ा है तो इन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने की जरूरत नहीं है। इन गमलों को लगभग एक हफ्ते के लिए फिर से ऐसी जगह रखने जहां सीधी धूप न आती हो। एक महीने बाद जब पौधे बड़े हो जाएं तो आप इनमें खाद या पोषक सोल्यूशन दे सकते हैं। बीच-बीच में मिट्टी ऊपर-नीचे करके खाद मिला सकते हैं।
पौधे के लिए इस तरह बनाएं खाद
खाद बनाने के लिए आप केले के छिलकों, सरसों की खली या फिर नीम खली का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे बनाने के लिए इन्हें किसी बोतल में डालें और इसमें पानी भरें। लगभग 15-20 दिन बाद इस पानी को पौधों में दें। लगभग 3 महीने बाद आपको पौधों में बैंगन दिखने लगते हैं। कभी-कभी पूरा आकार लेने में थोड़ा वक्त लग सकता है।
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments