कहते हैं अगर सोच बड़ी हो, तो खेत भी तिजोरी बन जाता है. बुरहानपुर जिले के शाहपुर निवासी लघु किसान संजय महाजन ने इस कहावत को सच कर दिखाया है. टेलीविजन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम सुना और वहीं से दिमाग में एक खुशबूदार आइडिया ने जन्म लिया और उगा दी सफेद चंदन की खेती.
हर साल मौसम की मार से गेहूं, चना और घाटे का सौदा बन चुकी केले की खेती छोड़कर संजय ने अपने भाई वासुदेव महाजन के साथ मिलकर 2 एकड़ में 620 सफेद चंदन के पौधे लगा दिए. यह सिर्फ खेती नहीं, बल्कि जिले की पहली चंदन क्रांति बन गई है. 12×12 फीट की वैज्ञानिक पद्धति की दूरी रखी गई, ताकि हर पौधा खुलकर सांस ले सके. खाली जगह बेकार न जाए, इसलिए बीच-बीच में हरी सब्जियों की खेती भी शुरू कर दी.
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है
6 साल का इंतजार बाकी
नतीजा यह है कि चंदन के इंतजार के साथ सालाना 4 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई भी इन सब्जियों से हो रही है. वासुदेव महाजन बताते हैं कि 2021 से अब तक इस प्रयोग में करीब 5 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं. 4 साल बीत चुके हैं और 6 साल का इंतजार बाकी है. गौरतलब है कि बुरहानपुर जिला एक केला उत्पादक जिला है, जहां हजारों किसान सिर्फ और सिफ केले की फसल उगाते हैं. बावजूद केले की खेती छोड़कर सफेद चंदन की खेती उगाकर नया आयाम रचने का काम लघु कृषक संजय ने किया है, जो पूरे कृषि जगत में चर्चा का विषय बना है.
5 करोड़ रुपये की होगी कमाई
अब तो कृषि वैज्ञानिक भी मानते हैं कि 10 साल पूरे होते-होते यही खेत साढ़े 5 करोड़ रुपये की खुशबूदार कमाई देगा. लघु कृषक संजय कहते हैं कि केला फसल छोटे किसान के बस की बात नहीं, लेकिन चंदन भविष्य की गारंटी है. बुरहानपुर में अब खेती सिर्फ फसल नहीं, भविष्य उगा रही है.
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments