वैदिक पंचांग के अनुसार, मंगलवार 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या है। यह दिन देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा समेत पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी लगाते हैं। इसके बाद भक्ति भाव से भगवान शिव की पूजा करते हैं। साथ ही जप-तप और दान-पुण्य करते हैं।
ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन अमावस्या पर दुर्लभ परिघ योग का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही शिववास योग का भी निर्माण हो रहा है। इन योग में भगवान शिव की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी। साथ ही पितरों की कृपा प्राप्त होगी। आइए, शुभ मुहूर्त एवं योग जानते हैं-
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फाल्गुन अमावस्या शुभ मुहूर्त
फाल्गुन अमावस्या की शुरुआत 16 फरवरी को शाम 05 बजकर 34 मिनट पर होगी। वहीं, फाल्गुन अमावस्या की समाप्ति 17 फरवरी को शाम 05 बजकर 30 मिनट पर होगी। उदया तिथि गणना अनुसार 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या मनाई जाएगी।
शुभ योग
ज्योतिषियों की मानें तो फाल्गुन अमावस्या पर शिववास योग (Falgun Amavasya Shiva Yoga significance) का संयोग शाम 05 बजकर 30 मिनट तक है। इसके साथ ही परिघ योग (Falgun Amavasya Siddha Yog benefits) का संयोग है। इन योग में गंगा स्नान कर भगवान शिव की पूजा करने से साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होगी। साथ ही साधक पर भगवान शिव की विशेष कृपा बरसेगी।
दुर्लभ मुहूर्त
फाल्गुन अमावस्या के दिन प्रातः काल में 51 मिनट का दुर्लभ संयोग है। यह संयोग ब्रह्म मुहूर्त का है। इस मुहूर्त में गंगा स्नान करने से समस्त पाप नष्ट हो जाएंगे। वहीं, स्नान-ध्यान करने के बाद भगवान शिव की पूजा करने से साधक को जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलेगी।
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