पाकिस्तानी सेना ने हिंसक झड़पों के बाद 180 बलूच लोगों को हिरासत में लिया

पाकिस्तानी सेना ने हिंसक झड़पों के बाद 180 बलूच लोगों को हिरासत में लिया

नई दिल्ली :बलूच विद्रोहियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच तीव्र झड़पों के कुछ दिन बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने बलुचिस्तान में बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की है, जिसमें कम से कम 180 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।बताया जाता है कि झड़पों के दौरान 362 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के कर्मी मारे गए। सुरक्षा बलों ने इन अभियानों के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रविवार को अधिकारियों ने बताया कि बलुचिस्तान के कई शहरों में हमलों के बाद फ्रंटियर का‌र्प्स और पुलिस द्वारा किए गए समन्वित सुरक्षा अभियानों के दौरान लगभग दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया।

216 बलूच विद्रोही मारे गए

पिछले शनिवार से शुरू सुरक्षा कार्रवाई में हालांकि पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि 216 बलूच विद्रोही मारे गए। हालांकि, कई मीडिया रिपोर्टों ने यह भी सुझाव दिया कि इस सुरक्षा अभियान के दौरान और भी कई नागरिकों की जानें गई हैं।

द बलुचिस्तान पोस्ट के अनुसार बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के प्रवक्ता जियंद बलोच ने कहा कि संगठन ने हाल के हमलों में अपने पूर्व निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया है। उन्होंने इस अभियान को बलूचिस्तान के 14 शहरों को लक्षित करने वाला बताया और इसे समूह द्वारा अब तक का ''सबसे बड़ा, सबसे तीव्र और सबसे संगठित सैन्य अभियान'' करार दिया।

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बलूच लड़ाकों ने कई स्थानों पर हमले किए और कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा चौकियों, सैन्य स्थलों और शहरी क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित करने में सफल रहे। कई शहरों में बीएलए इकाइयों ने लगातार छह दिनों तक अपनी स्थिति बनाए रखी, जिसे उन्होंने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को ''स्थायी रूप से पीछे हटने'' के लिए मजबूर किया।

पाक अधिकारियों से सवाल करने का नार्वे से आग्रह

बलोच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) के अध्यक्ष नसीम बलूच ने पाकिस्तान के पूर्व कार्यकारी प्रधानमंत्री अनवर उल हक काकर और बलुचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुग्ती की प्रस्तावित यात्रा को लेकर गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं। यह दोनों पाकिस्तानी नेता 15 से 17 फरवरी तक नार्वे स्थित ओस्लो दौरे पर जाएंगे।

इंटरनेट मीडिया पोस्ट में डॉ. नसीम बलूच ने कहा कि बलूचिस्तान की स्थिति पर नार्वेजियन अधिकारियों और नागरिक समाज को पाकिस्तानी नेताओं की यात्रा को सामान्य कूटनीतिक संपर्क के रूप में नहीं लेना चाहिए।

बलूच के अनुसार, अनवर उल हक काकर और सरफराज बुग्ती दोनों गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए व्यापक रूप से जिम्मेदार हैं, जिसमें दुष्कर्मी गायब होना, न्यायालय से इतर हत्या, सामूहिक दंड और नीतियां शामिल हैं जिन्हें बलोच मानवाधिकार रक्षकों व अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार के कार्यों के रूप में वर्णित किया है।










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