छात्रों संग प्रधानमंत्री मोदी ने की परीक्षा पर चर्चा, तनाव से बचने की दी सलाह

छात्रों संग प्रधानमंत्री मोदी ने की परीक्षा पर चर्चा, तनाव से बचने की दी सलाह

छात्रों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आदिवासी देश की प्रगति व उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पीएम मोदी परीक्षा पे चर्चा के दौरान गुजरात के छात्रों से यह संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश जो आज आगे बढ़ा है वह आदिवासी समाज के कारण आगे बढ़ा है। आज देश का पर्यावरण बचा है तो आदिवासी समाज के कारण बचा है।

पीएम मोदी ने कहा कि आदिवासी समाज के लोग प्रकृति की पूजा करते हैं , वे प्रकृति की रक्षा करते हैं। आदिवासी बेटे बेटियों सर्वाधिक देश की सेना में भी हैं। अब कोई फर्क नहीं रहना चाहिए। उन्होंने हाल ही में क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय महिला टीम का भी उल्लेख किया। उन्होंने मध्य प्रदेश की महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़ का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश की क्रांति गौड़ एक आदिवासी बेटी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चे खेल में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश के कई खिलाड़ी हैं जो आदिवासी समाज से हैं और उन्होंने देश का नाम रोशन किया है। पीएम मोदी ने इसके साथ ही हुनर को टेक्नोलॉजी से जोड़ने की बात की। उन्होंने कहा कि इससे यही सामर्थ्य है बहुत आगे बढ़ जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें सिर्फ नौकरी के लिए जिंदगी नहीं जीनी चाहिए। सपना कोई ऐसा होना चाहिए की, मैं एक ऐसी जिंदगी जीना चाहता हूं, जिसके लिए मैं जिंदगी को बनाऊंगा।

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उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि हम ऐसा करते हैं तो इससे बहुत लाभ होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां छात्रों से चर्चा करते हुए बताया कि आदिवासी समाज ने आजादी का बड़ा संघर्ष लड़ा था। उन्होंने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के लिए काम किया। यहां विज्ञान के स्कूल बनवाए, इसके बाद यहां कई विश्वविद्यालय भी खोले गए। विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है और इसलिए गुजरात के आदिवासी इलाकों में हाईवे बनवाए गए।

कुछ छात्रों ने परीक्षा को लेकर होने वाले तनाव का जिक्र प्रधानमंत्री से किया। इस पर पीएम मोदी ने परीक्षा के तनाव पर छात्रों से बात की। उन्होंने कहा, “आप उन परीक्षाओं के दिनों को याद कीजिए जो परीक्षाएं आप पहले ही दे चुके हैं। आप पुरानी परीक्षाओं को याद करेंगे तो स्मरण होगा कि जब आप परीक्षा देने गए तो काफी तनाव में थे, लेकिन जब परीक्षा देकर आ गए तो कुछ भी नहीं था।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा के लिए सबसे अच्छी चीज होती है कि आप लिखने की आदत डालें। परीक्षा की तैयारी के लिए केवल याद करना ही नहीं बल्कि नियमित रूप से लिखने की आदत भी होनी चाहिए।

पीएम मोदी ने छात्रों को रिलैक्स करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि हमें केवल किताबों में व्यस्त नहीं रहना चाहिए; मुस्कुराना, हंसना चाहिए और पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। पर्याप्त नींद लेने से आप प्रफुल्लित रहेंगे और नए व अच्छे विचार आएंगे। चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि सपनों के लिए जीना सीखिए। सपनों के अनुकूल जिंदगी बनाएं।

उन्होंने छात्रों से कहा कि आप मेहनत कीजिए और आपकी सफलता शोर मचाएगी। इस दौरान गुजरात के आदिवासी छात्रों ने भी कई सांस्कृतिक कलाओं को प्रधानमंत्री को दिखाया। इन छात्रों ने प्रधानमंत्री को भगवान बिरसा मुंडा का चित्र दिखाया जो एक छात्र ने स्वयं बनाया था। प्रधानमंत्री ने छात्रों द्वारा नहीं बनाए गए विभिन्न चित्रों व कलाकृतियों को देखा और सराहा।










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