अंबिकापुर : उस महिला की शादी बड़े भाई से हुई थी लेकिन उसे भगा ले आया उसका छोटा भाई। जिस दिन उसके बेटे का जन्मदिन था उसी दिन महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। महिला के मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया है जबकि पति आत्महत्या की बात कह रहा है। हत्या और आत्महत्या के बीच उलझे इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है लेकिन इस मौत से जुड़े कई रहस्य हैं जिसने पूरे मामले को पेचीदा बना दिया है।
ये तस्वीर है मृतका फुलकुंवर चौधरी की जिसकी शादी से लेकर मौत तक की कहानी सवालों से भरी हुई है। दरअसल फुलकुंवर की शादी करीब 20 साल पहले हरिद्वार निवासी मणिकांत चौधरी से हुई थी। शादी के लगभग 8 साल बाद मणिकांत का छोटा भाई गिरधर चौधरी फुलकुंवर को भगा ले आया और उसे पत्नी बनाकर रहने लगा। शुरुआत में फुलकुंवर के मायके पक्ष ने इस रिश्ते पर कड़ा ऐतराज जताया लेकिन जब दोनों के दो बच्चे हो गए तो परिवार ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। फुलकुंवर और गिरधर अंबिकापुर में किराए के मकान में रह रहे थे।
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9 फरवरी को फुलकुंवर की मौत की सूचना उसके मायके पक्ष को मिली। मृतका के परिजनों का आरोप है कि गिरधर लगातार फुलकुंवर के साथ मारपीट करता था और उसी ने उसकी हत्या कर शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया। एक तरफ जहां फुलकुंवर के पिता और मायके पक्ष के लोग इसे हत्या बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मृतका का पति गिरधर चौधरी इन आरोपों से इंकार कर रहा है। गिरधर का कहना है कि घटना के दिन उनके बड़े बेटे का जन्मदिन था। बेटा बिना नहाए घर से बाहर चला गया था। जब वह वापस लौटा, तो फुलकुंवर नाराज हो गई। इसी दौरान उसने कुकर पटक दिया और घर से कहीं चली गई। बाद में उसका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला।
हालांकि पुलिस इस पूरे मामले में हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल, जिस तरह से एक महिला ने अपने पति को छोड़कर देवर को जीवनसाथी बनाया, और जिस तरह बेटे के जन्मदिन के दिन ही एक मां की मौत हो गई, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि फुलकुंवर की हत्या हुई या उसने आत्महत्या की? इसका जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
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