क्या जिला सहकारी बैंक की सीईओ नियम कायदे से भी बड़ी? जानें क्या है पूरा मामला

क्या जिला सहकारी बैंक की सीईओ नियम कायदे से भी बड़ी? जानें क्या है पूरा मामला

रायपुर :  जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपेक्षा व्यास के खिलाफ एक नहीं दर्जनों शिकायत हुई है लेकिन वे आज पर्यन्त तक अपने पद से टस से मस नहीं हुई बल्कि और भी ज्यादा दमदारी से बैठी हुई हैं। शिकायतकर्ताओं ने नेताओं को भी इनकी शिकायत की और उनके शिकायत को सही पाए जाने पर उन्होंने निलंबित करने अनुशंसा पत्र भी लिखा लेकिन उनका कुछ नहीं हो पाया। उन्हें पद से हटाने सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम मंत्री छग शासन, योगेंद्र दिल्लीवार और प्रितपाल बेलचंदन भाजपा नेता, आर प्रसन्ना सचिव सहकारिता विभाग,देवलाल भारती और प्रबल लकड़ा अवर सचिव सहकारिता विभाग,नन्द कुमार साहू, पूर्व विधायक और अध्यक्ष रायपुर विकास प्राधिकरण, मोतीलाल साहू विधायक रायपुर ग्रामीण,डोमार चंद्राकर ओमप्रकाश साहू भाजपा नेता सहित कई बड़े -छोटे नेताओं ने शिकयत दर्ज कराई है कि तत्काल सीईओ श्रीमती अपेक्षा व्यास को अपने पद से हटाया जाय लेकिन उनके हटाने के बजाय और भी प्रोत्साहित कर रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में सभी बैंको के सीईओ इधर से उधर हो चुके है लेकिन रायपुर जिला सहकारी बैंक के सीईओ को कोई असर नहीं हुआ. इसके पीछे का राज बताया जा रहा है कि वर्तमान जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष का सहकारिता से दूर होना बताया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि अध्यक्ष एक व्यापारी पृष्ठभूमि से हैं और सहकारिता के क्षेत्र में उनकी पकड़ नहीं के बराबर है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि धान खरीदी केन्द्रो में एक से डेढ़ किलो की डंडी मारने का खेल चल रहा है साथ ही 6 जिलों के धान केन्द्रो में खरीदी भी इसी बैंक में माध्यम से होती है। जो लाखों करोडो में खेल हो जाता है। देखा जाए तो एक ही जिले में लाखो का वारे न्यारे होते हैं तो इनके पास तो 6 जिले का प्रभार है बस यहीं सुई अटक जाती है। यह भी जानकारी मिली है की ऊपर से नीचे तक पैसा भेजा जाता है तो फिर कौन इन सब बातो को तवज्जो देगा हालाँकि बड़े -बड़े नेताओ ने इनको हटाने अनुशंसा पत्र लिख चुके है उसके बावजूद नहीं हटना तरह की तरह की बातों को जन्म देता है।

अपेक्षा व्यास मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. रायपुर को तत्काल प्रभाव से हटाने / स्थानांतरण करने तथा उनके विरूद्ध की गई शिकायतों की सम्यक जांच करा कर कार्यवाही करने हेतु प्रितपाल बेलचंदन ने भी पत्र लिख चुके हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर धेला। उन्होंने लिखा था कि श्रीमती अपेक्षा व्यास के विरूद्ध किये गए अनेकों शिकायतों पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जो अत्यंत ही खेद का विषय है। छ.ग. शासन मोदी की गारंटी पर शून्य सहिष्णुता (र्ंद्गह्म्श ञ्जशद्यह्म्ड्डठ्ठष्द्ग) की नीति से काम कर रही है। अपैक्स बैंक में सांसद, मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधियों, एंव शासन के वरिष्ट अधिकारियों के पत्रों / परिपत्रों की कोई महत्व नहीं रह गया है, जबकि अपैक्स बैंक प्रदेश के किसानों के व्यापक हित में विश्वास रखने वाले/ कार्य करने वाले सभी जनप्रतिनिधियों की बैंक है, किन्तु दुर्भाग्य है कि भ्रष्ट अधिकारी श्रीमती अपेक्षा व्यास को बचाने / सरंक्षण देने के चक्कर में अपैक्स बैंक (किंम कर्तव्य विमूढ) अपने कर्तव्य से विमुख हो चुकी है। प्रदेश के वरिष्ट जनप्रतिनिधियों द्वारा भ्रष्ट अधिकारी को हटाने तथा कार्यवाही करने संबंधी प्रेषित पत्रों पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं किया जाना भष्टाचार को बढ़ावा देना है।

नाबार्ड से जांच और कार्रवाई की मांग

राष्ट्रीय कृषि एंव ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों की निरीक्षण व पर्यवेक्षण का कार्य करती है। आपके संज्ञान में लाने का मुख्य उद्देश्य ठोस कार्यवाही की उम्मीद है। सीईओ किसानों के व्यापक हित में संदर्भित कंडिका क्र. 1 से 18 में उल्लेखित तथ्यों के प्रकाश में श्रीमती अपेक्षा व्यास मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या. रायपुर को तत्काल प्रभाव से हटायें जाने तथा शिकायतों की शीघ्र विस्तृत जांच करा कर ठोस कार्यवाही करने का कष्ट करेंगे।










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