कटहल की सब्जी बहुत ही स्वादिष्ट और लाजवाब बनती है और इसकी डिमांड पूरे साल मार्केट में रहती है. मिथिलांचल में अधिकांश घरों के आसपास कटहल का एक पेड़ जरूर मिल जाएगा. लेकिन आज हम बात करने वाले हैं कटहल की एक ऐसी वैरायटी की, जो न सिर्फ स्वादिष्ट होती है बल्कि बागवानी की सुंदरता को भी निखारती है. दरभंगा जिले में वाटिका नर्सरी में गुलाबी कटहल के पौधे उपलब्ध हैं, जो स्वाद के साथ-साथ बागवानी की खूबसूरती भी बढ़ाते हैं.
दरभंगा में भी मिलने लगा गुलाबी कटहल
गुलाबी कटहल की बागवानी स्वाद और सुंदरता का संगम है, और अब इसके पौधे दरभंगा में भी मिलने लगे हैं. वाटिका नर्सरी के ऑनर इमरान अंसारी बताते हैं कि गुलाबी कटहल आम कटहल से थोड़ा अलग होता है और इसका रंग पिंक होता है. अगर आप इसके पौधे लगाते हैं, तो यह करीब 3 साल में फल देना शुरू कर देता है. हालांकि यह 1 साल के बाद भी फल देने लगता है, लेकिन वह पूरी तरह से सफल नहीं होता है. लगाने के 3 साल बाद जो फल आता है, वह काफी स्वादिष्ट होता है.
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350 रुपये में मिलता है पौधा
इमरान अंसारी बताते हैं कि गुलाबी कटहल के पौधे 350 रुपए में उपलब्ध हैं और यह वैरायटी कोलकाता में तैयार की जाती है. करीब डेढ़ फीट का पौधा अगर आज लगाया जाए, तो 3 साल के बाद फल देना शुरू कर देता है. इसकी ऊंचाई 12 से 15 फीट तक होती है. अगर इसे गमले में लगाया जाए, तो यह शौकिया तौर पर लगाया जा सकता है, लेकिन उसमें फल कम आएगा और फल का साइज भी छोटा हो जाएगा.
स्वाद में बेहतरीन, निखारे बगिया की रंगत
गुलाबी कटहल की खासियत यह है कि इसका रंग पिंक होता है, यह करीब 3 साल में फल देने लगता है और स्वाद में काफी लाजवाब होता है. इसके साथ ही यह बागवानी की सुंदरता को भी निखारता है. फिलहाल यह पौधा दरभंगा की वाटिका नर्सरी में उपलब्ध है, जहां डेढ़ फीट का पौधा 350 रुपए की कीमत पर मिल रहा है.
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