नई दिल्ली : बजट सत्र के दौरान संसद में घटे घटनाक्रम की भाजपा ने कड़े शब्दों में निंदा की है। नेता प्रतिपक्ष को निशाने पर लेते हुए भाजपा के वरिष्ठ सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हमला बोला है।उन्होंने कहा कि राहुल की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं का जो उत्तेजना भरा आचरण रहा है, उससे स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी स्वयं लोकतांत्रिक प्रक्रिया, शुचिता, संवैधानिक मर्यादा और संसद की नियमावली को नहीं मानते।
भाजपा सांसद का राहुल पर आरोप
नेता प्रतिपक्ष का इस तरह का अपमानजनक और शर्मनाक व्यवहार आज तक नहीं देखा। राहुल गांधी के राजनीतिक आचरण को अराजकता का प्रतीक बताते हुए भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल शाहीन बाग की तर्ज पर वैसा ही माहौल संसद में बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का रवैया मानो यह हो कि जो उनके मन में आएगा, वही करेंगे। इसी प्रवृत्ति का परिणाम है कि उनकी पार्टी की स्थिति सबके सामने है। सोरोस, पेगासस के मुद्दों के विफल होने और राहुल द्वारा विदेश में दिए गए बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेश में भारत के लोकतंत्र को बदनाम करना उनकी आदत बन गई है।
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इसका एक ही कारण है कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नफरत करते हैं। वह सोचते हैं कि आखिर वह प्रधानमंत्री कैसे बन गए। रविशंकर ने याद दिलाया कि 2009 में अमेरिकी राजदूत से राहुल गांधी ने कहा था कि सीमा पार से होने वाला आतंकवाद उतना महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन हिंदू उग्रवाद को लेकर अधिक चिंता है।
चीन मुद्दे पर राहुल का रुख
कहा कि चीन के मुद्दे पर भी राहुल का रुख संदिग्ध रहा है और सेना के मनोबल को तो उन्होंने हमेशा गिराने का प्रयास किया है। बालाकोट और उरी का भी सुबूत मांगा। हाल ही में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की पुस्तक के संदर्भ में जब प्रकाशक ने स्पष्ट कर दिया कि वह पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है, तब भी वे उस पुस्तक को दिखा रहे हैं।
जब पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई तो राहुल गांधी के पास वह पुस्तक कहां से आई। उन्हें यह स्पष्ट करना पड़ेगा। वर्तमान संसद सत्र की कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए रविशंकर ने कहा कि सिख सदस्य जो एक मंत्री हैं, उन्हें देशद्रोही कहा गया।
'यार' शब्द पर रार
इसके बाद लोकसभा स्पीकर को 'यार' कहा गया, जिस पर विरोध भी दर्ज कराया गया है। फिर राहुल के निर्देश पर कांग्रेस की महिला सदस्यों ने प्रधानमंत्री की सीट को घेर लिया। यदि स्पीकर ने हस्तक्षेप न किया होता तो कोई भी घटना हो सकती थी।
इसी तरह लोकसभा अध्यक्ष के चैंबर में जाकर उनके लोगों ने बदनाम किया, उसका वीडियो भी सामने आ चुका है। साथ ही तंज कसा कि राहुल गांधी क्षमता और प्रतिभा के आधार पर विपक्ष के नेता नहीं बने, किंतु जब बन गए हैं तो उन्हें कुछ सीखना तो चाहिए। भाजपा की ओर से राहुल गांधी से प्रश्न भी पूछा गया है कि वंदे मातरम को पूरा गाने का नोटिफिकेशन जारी हुआ है, इस पर उनका रुख क्या है।
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